नई दिल्ली।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को लेकर भारतीय आईटी सेवाओं पर मंडरा रहे खतरे के बीच जेपी मॉर्गन की एक ताजा रिपोर्ट ने राहत भरी तस्वीर पेश की है। एशिया पैसिफिक इक्विटी रिसर्च टीम की रिपोर्ट के अनुसार, एआई भारतीय आईटी कंपनियों के लिए खतरा नहीं, बल्कि एक नया औजार साबित होगा, जो समान बजट में अधिक काम करने की क्षमता देगा।
“India IT Services: Looking through the AI fog 2” शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा गया है कि एआई आईटी सेवाओं की जरूरत खत्म नहीं करेगा, बल्कि नए काम के अवसर पैदा करेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, जैसे पहले ऑफशोर लेबर, एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर और क्लाउड कंप्यूटिंग ने तकनीकी चक्र में नई संभावनाएं खोलीं, उसी तरह एआई भी आईटी कंपनियों के लिए अवसरों का विस्तार करेगा।
जेपी मॉर्गन का तर्क है कि एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी टीमें, जो लंबे समय से सीमित बजट में काम कर रही हैं, एआई का इस्तेमाल आउटपुट बढ़ाने के लिए करेंगी, न कि सर्विस प्रोवाइडर्स को पूरी तरह बदलने के लिए। रिपोर्ट में उभरती मांग के कुछ प्रमुख क्षेत्रों का भी उल्लेख किया गया है, जिनमें लेगेसी कोड का आधुनिकीकरण, कस्टमाइज्ड SaaS एप्लिकेशन को दोबारा लिखना, ऑपरेशंस के लिए एआई एजेंट तैयार करना, एआई की विश्वसनीयता और ट्रस्ट सुनिश्चित करना तथा फिजिकल एआई सिस्टम्स का इंटीग्रेशन शामिल है।
रिपोर्ट में हालिया बाजार गिरावट का जिक्र करते हुए कहा गया कि एआई की तेज प्रगति को लेकर निवेशकों में यह डर है कि इससे भारतीय आईटी कंपनियों की आय वृद्धि पर दबाव पड़ सकता है और कुल संभावित बाजार (टोटल एड्रेसेबल मार्केट) सिकुड़ सकता है। पिछले एक महीने में निफ्टी आईटी इंडेक्स लगभग 10 प्रतिशत गिरा है, जबकि व्यापक निफ्टी सूचकांक लगभग स्थिर रहा है।
हालांकि, जेपी मॉर्गन ने चेताया कि यह मान लेना बेहद सरल सोच होगी कि एआई स्वतः ही एंटरप्राइज-ग्रेड सॉफ्टवेयर बना लेगा और आईटी सेवा कंपनियों की भूमिका समाप्त कर देगा। रिपोर्ट में इन कंपनियों को “टेक्नोलॉजी दुनिया के प्लंबर” की संज्ञा देते हुए कहा गया है कि जटिल एंटरप्राइज वातावरण में एआई-आधारित सॉफ्टवेयर को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए अब भी विशेषज्ञ सेवाओं की आवश्यकता होगी।
रिपोर्ट के अनुसार, एआई सॉफ्टवेयर और SaaS क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है, लेकिन इससे आईटी सेवाओं का दायरा खत्म नहीं होगा। बल्कि, यह भारतीय आईटी कंपनियों को नई क्षमताएं विकसित करने और अधिक मूल्य सृजन का अवसर देगा।




