Apple records 28% value share in India, with the trend towards more expensive smartphones increasing.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनी एप्पल ने भारतीय स्मार्टफोन बाजार में 28 प्रतिशत की अपनी अब तक की सबसे अधिक मूल्य हिस्सेदारी दर्ज की है। काउंटरपॉइंट रिसर्च की एक रिपोर्ट के अनुसार यह उपलब्धि प्रीमियम उपकरणों के बढ़ते चलन के कारण संभव हुई है, जिसमें उपभोक्ता तेजी से महंगे उपकरण चुन रहे हैं।
रिपोर्ट में दुनिया के दूसरे सबसे बड़े स्मार्टफोन बाजार में एक महत्वपूर्ण बदलाव को रेखांकित किया गया है। इसमें कहा गया कि जहां बिक्री की संख्या में वृद्धि स्थिर है, वहीं बाजार का कुल बिक्री मूल्य बहुत तेजी से बढ़ रहा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि भारतीय खरीदार अब महंगे मॉडल ले रहे हैं।
काउंटरपॉइंट के आंकड़ों के अनुसार, 2024 में भारत में एप्पल की मूल्य हिस्सेदारी 23 प्रतिशत थी। आईफोन 16 सीरीज की सफलता, आकर्षक वित्तपोषण योजनाओं और 'एक्सचेंज ऑफर' ने कंपनी को देश में अपनी सर्वोच्च मूल्य हिस्सेदारी तक पहुंचा दिया है।
रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘त्योहारों के दौरान प्रचार और बिक्री चैनल के विस्तार ने राजस्व वृद्धि को सहारा दिया, जिससे एप्पल 2025 में मूल्य के मामले में 28 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ बाजार में शीर्ष पर रही। आईफोन-16 वर्ष 2025 में भारत में सबसे ज्यादा आयात किया जाने वाला मॉडल रहा।’’
भारत का स्मार्टफोन बाजार 2025 में बिक्री की संख्या के मामले में एक प्रतिशत और मूल्य के मामले में आठ प्रतिशत की दर से बढ़ा।
खुदरा बाजार में 2025 में कुल स्मार्टफोन बिक्री का 40 प्रतिशत हिस्सा वित्तपोषण (ईएमआई) के जरिये आया। तीस हजार रुपये से अधिक के प्रीमियम खंड में, लगभग दो-तिहाई खरीदारी वित्तपोषण के जरिए की गई, जो महंगे फोन खरीदने में ईएमआई की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।
दक्षिण कोरियाई दिग्गज सैमसंग ने फोल्डेबल स्मार्टफोन खंड में अपना दबदबा बनाए रखा और 2025 में बिक्री की संख्या के लिहाज से 88 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की। मोटोरोला बिक्री की संख्या के लिहाज से सबसे तेजी से बढ़ने वाला ब्रांड रहा।