मुंबई
हिंदी सिनेमा में दोस्ती को नए अंदाज में पेश करने वाली चर्चित फिल्म ‘दिल चाहता है’ ने अपनी रिलीज के 25 साल पूरे कर लिए हैं। इस खास मौके पर फिल्म से जुड़े सितारे और टीम मुंबई में एक बार फिर साथ नजर आई। हालांकि, फिल्म की दोस्ती की मशहूर तिकड़ी इस बार अधूरी रही, क्योंकि अक्षय खन्ना समारोह में शामिल नहीं हो सके।
फिल्म की सिल्वर जुबली के मौके पर शुक्रवार को आमिर खान, सैफ अली खान और निर्देशक फरहान अख्तर एक साथ नजर आए। इनके अलावा डिंपल कपाड़िया, सोनाली कुलकर्णी और निर्माता रितेश सिधवानी भी इस खास समारोह का हिस्सा बने।
फिल्म में गंभीर और संवेदनशील किरदार सिद्धार्थ ‘सिड’ सिन्हा निभाने वाले अक्षय खन्ना की गैरमौजूदगी ने प्रशंसकों का ध्यान खींचा। समारोह के होस्ट निखिल तनेजा ने बताया कि अक्षय की तबीयत खराब होने के कारण वह कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके।
फिल्म की एक अन्य अहम कलाकार प्रीति जिंटा भी इस आयोजन में मौजूद नहीं थीं। बताया गया कि वह उस समय पेरिस में थीं।
अक्षय की गैरमौजूदगी पर सोशल मीडिया पर प्रशंसकों ने मजेदार प्रतिक्रियाएं भी दीं। कई लोगों ने सवाल किया कि आखिर ‘सिड’ कहां है। कुछ प्रशंसकों ने अक्षय के हालिया चर्चित किरदार ‘रहमान डकैत’ का जिक्र करते हुए भी मजाकिया अंदाज में उनकी गैरमौजूदगी पर सवाल उठाए।
‘दिल चाहता है’ 10 अगस्त 2001 को रिलीज हुई थी। यह फरहान अख्तर के निर्देशन में बनी पहली फिल्म थी। फिल्म की कहानी तीन बेहद करीबी दोस्तों आकाश, समीर और सिद्धार्थ के इर्द-गिर्द घूमती है।
आमिर खान ने बेफिक्र और मस्तमौला आकाश का किरदार निभाया था, जबकि सैफ अली खान ने समीर और अक्षय खन्ना ने गंभीर और विचारशील सिद्धार्थ की भूमिका निभाई थी। तीनों दोस्त प्यार, रिश्तों, दोस्ती और जिंदगी में आने वाले बदलावों के बीच अपने रास्ते तलाशते हैं।
फिल्म ने उस दौर में दोस्ती को पर्दे पर दिखाने का एक बिल्कुल नया अंदाज पेश किया। खासकर युवाओं के बीच इसकी कहानी, संवाद और किरदार बेहद लोकप्रिय हुए।
फिल्म का गोवा वाला हिस्सा, आधुनिक संवाद और दोस्ती की सहज कहानी इसकी खास पहचान बन गए। फिल्म का संगीत भी दर्शकों के बीच खूब लोकप्रिय हुआ। संगीतकार तिकड़ी शंकर-एहसान-लॉय ने फिल्म के लिए संगीत तैयार किया था, जो आज भी लोकप्रिय है।
फिल्म में डिंपल कपाड़िया, सोनाली कुलकर्णी और प्रीति जिंटा ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं।
‘दिल चाहता है’ रिलीज के समय व्यावसायिक रूप से भी सफल रही। करीब 13 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने दुनियाभर में लगभग 38 करोड़ रुपये की कमाई की।
समय बीतने के साथ फिल्म की लोकप्रियता कम होने के बजाय बढ़ती गई। खासकर नई पीढ़ी के दर्शकों के बीच इसने एक अलग पहचान बनाई और धीरे-धीरे कल्ट क्लासिक का दर्जा हासिल कर लिया।
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी दोस्ती की कहानी रही। तीन अलग-अलग स्वभाव वाले दोस्तों की जिंदगी, प्यार और बड़े होने की प्रक्रिया को जिस सहजता से दिखाया गया, वह आज भी दर्शकों को जोड़ती है।
फिल्म को रिलीज हुए भले ही 25 साल हो गए हों, लेकिन आकाश, समीर और सिड की दोस्ती आज भी हिंदी सिनेमा की सबसे यादगार दोस्तियों में गिनी जाती है। मुंबई में हुई सिल्वर जुबली रीयूनियन ने पुराने प्रशंसकों को फिल्म की यादें फिर से ताजा करने का मौका दिया।
आमिर खान, सैफ अली खान और फरहान अख्तर को एक साथ देखकर प्रशंसकों की पुरानी यादें लौट आईं। हालांकि, अक्षय खन्ना की कमी इस मिलन समारोह में साफ महसूस हुई। प्रशंसकों के लिए यह मुलाकात उस दौर की याद दिलाने वाली रही, जब ‘दिल चाहता है’ ने दोस्ती, प्यार और जिंदगी को देखने का एक नया नजरिया हिंदी सिनेमा को दिया था।