नई दिल्ली
तमिल सुपरस्टार थलपति विजय की विदाई फिल्म ‘जन नायक’ लंबे विवाद और तनाव के बाद आखिरकार रिलीज की राह पर है। राजनीतिक दबाव और सेंसर बोर्ड की रोक के बावजूद, मेगास्टार ने कानूनी लड़ाई में जीत हासिल की और प्रशंसकों के सामने मुस्कान बिखेरी। शुक्रवार (9 जनवरी) को मद्रास उच्च न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसले में फिल्म को तुरंत सेंसर करने का आदेश दिया।
पहले निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, विजय की यह आखिरी फिल्म आज सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली थी। लेकिन अचानक सेंसर बोर्ड ने फिल्म पर रोक लगा दी, जिससे निर्माताओं ने आरोप लगाया कि इसके पीछे राजनीतिक साजिश है। मामला अदालत में पहुंचा, और न्यायाधीश ने बुधवार को नई समिति के गठन का आदेश दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि सेंसर बोर्ड को जल्द ही मंजूरी देनी होगी।
निर्माताओं का कहना है कि भाजपा नेतृत्व वाला तंत्र, विजय के आगामी राजनीतिक करियर और तमिलनाडु चुनावों में उनके प्रभाव को रोकने के लिए फिल्म पर रोक लगाने की कोशिश कर रहा था। बावजूद इसके, तमिल फिल्म उद्योग के कई बड़े सितारों और प्रशंसकों ने विजय के समर्थन में प्रदर्शन किया और फिल्म की रिलीज़ के लिए आवाज उठाई।
कानूनी लड़ाई में विजय की जीत के बाद भी फिल्म आज सिनेमाघरों में रिलीज नहीं हो रही है। निर्माताओं ने बताया कि सेंसर सर्टिफिकेट मिलने के बाद आधिकारिक रिलीज़ की नई तारीख घोषित की जाएगी। अनुमान है कि कुछ ही दिनों में थलपति विजय को उनके फैंस आखिरी बार बड़े पर्दे पर देख पाएंगे।
‘जन नायगन’ केवल विजय की फिल्म नहीं है, बल्कि उनके सिनेमाई करियर के तीन दशक और राजनीति में कदम रखने से पहले उनके अंतिम अभिनय सफर का प्रतीक भी है। इस फिल्म के जरिए विजय ने अपने प्रशंसकों को एक भावनात्मक विदाई देने की तैयारी की है।
अब थलपति पूरी तरह राजनीति पर ध्यान केंद्रित करने वाले हैं। उन्होंने ‘तमिलगा वेट्टी कज़गम’ के माध्यम से राज्य की राजनीति में सक्रिय होने की घोषणा की है, और फिल्म इंडस्ट्री में अपने योगदान को अलविदा कहने का निर्णय लिया है।
इस रिलीज़ और कानूनी जीत ने तमिल फिल्म जगत और विजय के फैंस के लिए उत्साह और उम्मीद का नया दौर शुरू कर दिया है।