मुंबई:
अनुभवी अभिनेत्री शबाना आज़मी और प्रसिद्ध फिल्मकार रितेश बत्रा व शौनक सेन ने स्वतंत्र फिल्म ‘ह्यूमन्स इन द लूप’ के ऑस्कर अभियान को अपना समर्थन दिया है। ये तीनों कलाकार 98वें अकादमी पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ मौलिक पटकथा (Best Original Screenplay) श्रेणी में फिल्म की दावेदारी से पहले इसके कार्यकारी निर्माता (एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर) के रूप में जुड़े हैं।
‘ह्यूमन्स इन द लूप’ का लेखन और निर्देशन अरन्य सहाय ने किया है, जबकि इसका निर्माण मथिवानन राजेंद्रन ने किया है। यह फिल्म भारत के एक दूरदराज़ आदिवासी गांव में रहने वाली एक महिला की कहानी कहती है, जिसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) प्रणालियों को प्रशिक्षित करने का कार्य सौंपा जाता है। कहानी पारंपरिक आदिवासी ज्ञान प्रणालियों और आधुनिक तकनीक के बीच के तनाव को दर्शाती है, और एक बच्चे के पालन-पोषण तथा बुद्धिमान मशीनों को आकार देने के बीच गहरी समानताएं स्थापित करती है।
यह पटकथा एक समाचार लेख से प्रेरित है और इसे म्यूज़ियम ऑफ इमैजिंड फ्यूचर्स द्वारा आयोजित एक लैब में विकसित किया गया। फिल्म की कथा तीन अध्यायों में आगे बढ़ती है।
रितेश बत्रा ने एक बयान में कहा कि यह फिल्म अपनी भावनात्मक संवेदनशीलता के कारण उन्हें विशेष रूप से प्रभावित करती है। उन्होंने कहा, “यह फिल्म सिस्टम और डेटा की बात करती है, लेकिन उनके भीतर मौजूद लोगों की खामोशी, समझौते और देखे जाने की इच्छा को बेहद ध्यान से सुनती है।”
शबाना आज़मी ने इस परियोजना को एक गहरे प्रभाव वाली रचना बताया। उन्होंने कहा, “यह एक बेहद खूबसूरत कहानी है, जिसे सादगी और दिल से कहा गया है। यह हमें दुनिया में हो रही घटनाओं के प्रति अधिक संवेदनशील बनाती है और हमें भीतर से समृद्ध करती है।”
ऑस्कर-नामांकित डॉक्यूमेंट्री ‘ऑल दैट ब्रीथ्स’ के निर्देशक शौनक सेन ने कहा कि यह फिल्म तकनीकी प्रगति से जुड़ी नैतिक अनिश्चितताओं और उससे प्रभावित लोगों के जीवन पर ठहरकर विचार करती है, बिना आसान जवाब दिए।
फिल्मकार शेखर कपूर ने भी पटकथा की सराहना करते हुए कहा कि यह याद दिलाती है कि “तकनीक और मानवता के बीच के ठहराव में ही चुनाव की जिम्मेदारी छिपी होती है।”
फिल्म को फिल्म जगत से व्यापक समर्थन मिला है। इसके शुरुआती विकास में बिज्जो टोप्पो, भारतीय वितरण में किरण राव और अमेरिका में लॉन्च के लिए मिसाक काज़िमी ने सहयोग दिया है। यह फिल्म 2025 के फिल्म इंडिपेंडेंट स्लोन डिस्ट्रीब्यूशन ग्रांट की प्राप्तकर्ता भी है।
‘ह्यूमन्स इन द लूप’ पिछले वर्ष नवंबर में नेटफ्लिक्स पर रिलीज़ हुई थी और इसे इस वर्ष अकादमी सदस्यों के लिए अकादमी स्क्रीनिंग रूम में उपलब्ध कराया गया।