कुछ यादें कभी साथ नहीं छोड़तीं: पुश्तैनी घर लौटकर संदीपा धर को मिला खज़ाने

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 24-08-2026
Sandeepa Dhar finds treasure after returning to her ancestral home
Sandeepa Dhar finds treasure after returning to her ancestral home

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
कुछ यादें ऐसी होती हैं जिन्हें हम ढूंढने नहीं जाते, बल्कि वे सही समय आने पर खुद हमारे सामने आ जाती हैं। अभिनेत्री संदीपा धर के लिए कश्मीर की हालिया यात्रा कुछ ऐसी ही भावनाओं से भरी रही, जहां उन्हें अपने परिवार के इतिहास, भूली-बिसरी यादों और वादी की अनमोल खूबसूरती से फिर से जुड़ने का मौका मिला।

सोशल मीडिया पर अपनी इस यात्रा की झलकियां साझा करते हुए संदीपा ने लिखा है, “कुछ यादें ऐसी होती हैं जिन्हें आप खोजने नहीं जाते, वे बस आपका इंतज़ार करती रहती हैं।” 
 
हाल ही में संदीपा अपने कश्मीर स्थित पुश्तैनी घर पहुंचीं, जो पलायन के बाद से लगभग उसी अवस्था में खड़ा है। न बिजली, न पानी और न ही घर के भीतर बहुत कुछ बचा है, लेकिन इसकी दीवारें आज भी बीते दशकों की कहानियों की गवाह हैं। इस दौरान उन्हें एक बेहद खूबसूरती से नक्काशीदार लकड़ी की अलमारी मिली, जो लगभग 80 से 90 साल पुरानी बताई जा रही है और आज भी लगभग सुरक्षित है। इस खोज को याद करते हुए उन्होंने लिखा, “ऐसा लगा जैसे हमारे अतीत का एक छोटा-सा हिस्सा अब भी हमारा इंतज़ार कर रहा है।” यह पल उनके लिए उन यादों और कहानियों का प्रतीक बन गया जो समय के साथ भी कहीं खोई नहीं है।
 
फिलहाल अपनी कश्मीर यात्रा के दौरान उन्हें कुछ और अनमोल निशानियां भी मिलीं, जिसमें एक पुराने कपबोर्ड में उन्हें 30 से 40 साल पुराने एयर इंडिया के बोर्डिंग पास और बैगेज टैग भी मिले। संदीपा ने इन्हें “कागज़ के छोटे-छोटे टुकड़े, जो उस समय शायद महत्वहीन थे, लेकिन किसी तरह हर मुश्किल के बावजूद सुरक्षित रह गए” बताया है। इसके अलावा उन्हें अपने चाचा के कुछ बेहतरीन सिलवाए हुए सूट भी मिले, जिनमें से कुछ यूनाइटेड किंगडम में तैयार किए गए थे। फिलहाल ये सभी चीजें परिवार के इतिहास की झलकियां अपने भीतर समेटे हुए थीं।
 
यादों के इस सफर के साथ-साथ कश्मीर की खूबसूरती ने भी संदीपा का दिल जीत लिया। शालीमार बाग के खिले हुए फूल, रंग-बिरंगे गेंदे, नगीन झील की शांति और परी महल से दिखने वाले मनमोहक नज़ारे उनकी यात्रा के खास पड़ाव बने। अपने पसंदीदा स्थानों में से एक नगीन झील के बारे में उन्होंने लिखा है, “हर कोई डल झील की बात करता है, लेकिन नगीन झील हमेशा मेरे दिल के सबसे करीब रहेगी।”
 
शंकराचार्य मंदिर की उनकी यात्रा ने इस सफर में आध्यात्मिक शांति और आत्ममंथन का एहसास भी जोड़ा। अपनी तस्वीरों और शब्दों के जरिए संदीपा धर ने यह खूबसूरत संदेश दिया कि कुछ जगहें हमेशा घर जैसी लगती हैं और कुछ यादें कभी हमारा साथ नहीं छोड़तीं।
 
वर्क फ्रंट की बात करें तो संदीपा धर जल्द ही नेटफ्लिक्स की आगामी सीरीज़ ‘चुंबक’ में नजर आनेवाली हैं। इस सीरीज़ में उनके साथ दिग्गज कलाकार नीना गुप्ता और सुमीत राघवन भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे। फिल्मों और ओटीटी की दुनिया में लगातार अपने विविध किरदारों से पहचान बना रहीं संदीपा के लिए ‘चुंबक’ उनके सबसे बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट्स में से एक है।