नई दिल्ली
बॉलीवुड संगीत की दुनिया में इस साल अरिजीत सिंह के पार्श्व गायन से दूरी बनाने के फैसले ने काफी चर्चा बटोरी। उनके इस निर्णय को लेकर तरह-तरह की अटकलें सामने आईं। हालांकि, लोकप्रिय गायक शान का कहना है कि वह अरिजीत की स्थिति को समझ सकते हैं, क्योंकि अपने करियर में एक दौर ऐसा उनके सामने भी आया था, जब उन्होंने गायकी छोड़ने तक का विचार किया था।
एक इंटरव्यू में शान ने अरिजीत सिंह के फैसले पर अपनी राय साझा करते हुए कहा कि इसे पूरी तरह से गायन छोड़ने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, अरिजीत अभी भी संगीत से जुड़े हुए हैं और आने वाले समय में उनकी आवाज में कई और गाने श्रोताओं तक पहुंच सकते हैं।
शान ने कहा कि अरिजीत के इस फैसले की असली वजह वही बेहतर बता सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अरिजीत के कई गाने पहले ही रिकॉर्ड किए जा चुके हैं, लेकिन वे अभी रिलीज नहीं हुए हैं। ऐसे में आने वाले एक-दो वर्षों में श्रोताओं को उनकी आवाज में कई नए गीत सुनने को मिल सकते हैं।
शान ने यह भी संभावना जताई कि अरिजीत भविष्य में अपना फैसला बदल सकते हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में लिए गए फैसले हमेशा अंतिम नहीं होते और परिस्थितियों के अनुसार इंसान अपनी सोच बदल सकता है।
अपने करियर के उतार-चढ़ाव को याद करते हुए शान ने बताया कि करीब 33-34 वर्ष की उम्र में वह भी एक ऐसे दौर से गुजरे थे, जब उन्हें लगा कि वह एक ही चक्र में फंस गए हैं। उस समय तक वह अलग-अलग तरह के कई गाने गा चुके थे और दो-तीन बड़े पुरस्कार भी हासिल कर चुके थे।
शान के मुताबिक, उस दौर में उनके मन में समाज सेवा करने की इच्छा भी पैदा हुई। उन्हें लगता था कि जब वह जीवन में एक मुकाम हासिल कर चुके हैं तो अब समाज के लिए भी कुछ करना चाहिए। लेकिन संगीत और काम की व्यस्तताओं के कारण उन्हें इसके लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा था।
इसी वजह से उन्होंने एक समय गायकी छोड़ने के बारे में गंभीरता से सोचा था। हालांकि, बाद में उन्होंने संगीत की दुनिया में अपना सफर जारी रखा और अपनी अलग पहचान बनाए रखी।
शान का पूरा नाम शांतनु मुखर्जी है। वह 1990 के दशक से भारतीय संगीत जगत के चर्चित नामों में शामिल हैं। अपनी मधुर और सहज गायकी के लिए पहचाने जाने वाले शान ने हिंदी सिनेमा को कई यादगार गीत दिए हैं। ‘चांद सिफारिश’, ‘हे शोना’, ‘जब से तेरे नैना’ और ‘बहती हवा सा था वो’ जैसे गीत उनकी लोकप्रियता की मिसाल हैं।
अरिजीत के फैसले पर शान की टिप्पणी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह एक ऐसे कलाकार का अनुभव है, जिसने खुद अपने करियर में कभी इसी तरह की मानसिक और पेशेवर दुविधा का सामना किया था।