नई दिल्ली:
विश्वप्रसिद्ध अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा इन दिनों अपनी आगामी हॉलीवुड फिल्म The Bluff के प्रमोशन में व्यस्त हैं। लॉस एंजिल्स में आयोजित प्रमोशनल इवेंट्स के दौरान उनकी और सह-कलाकार Karl Urban की शानदार केमिस्ट्री ने फैंस का ध्यान खींचा है। फिल्म में प्रियंका एक पूर्व समुद्री डाकू ‘एर्सल ब्लडी मैरी बॉडेन’ की दमदार भूमिका में नजर आएंगी।
इस किरदार की तीव्रता और निडर व्यक्तित्व पर बात करते हुए अभिनेत्री ने अपनी निजी जिंदगी से जुड़ा एक भावुक और प्रेरणादायक किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि असल जिंदगी में उनकी मां Madhu Chopra भी किसी ‘ब्लडी मैरी’ से कम नहीं हैं।
प्रियंका ने बताया कि यह घटना तब की है जब वह महज 11 साल की थीं। मां-बेटी देर रात दिल्ली की सड़कों पर टैक्सी से एक होटल की ओर जा रही थीं। रात के करीब 11 बजे ड्राइवर ने अचानक मुख्य सड़क छोड़कर सुनसान रास्ता पकड़ लिया। जब उनकी मां ने वजह पूछी तो ड्राइवर ने ‘शॉर्टकट’ लेने की बात कही।
स्थिति को भांपते हुए उनकी मां ने कोई जोखिम न लेने का फैसला किया। प्रियंका के अनुसार, उस समय वे दोनों अकेली थीं और माहौल असुरक्षित लग रहा था। अचानक उनकी मां ने पीछे से ड्राइवर का गला पकड़ लिया और सख्त आवाज में कहा, “गाड़ी तुरंत मुख्य सड़क पर मोड़ो, मेरी छोटी बेटी मेरे साथ है।”
अभिनेत्री ने कहा कि उस पल उन्होंने अपनी मां का एक अलग ही रूप देखा। उनके चेहरे के भाव इतने सख्त और दृढ़ थे कि वह खुद सन्न रह गईं। प्रियंका ने भावुक होते हुए बताया कि इस घटना के बाद अगले चार महीनों तक उन्होंने अपनी मां की किसी भी बात का विरोध करने की हिम्मत नहीं की।
फिल्म ‘द ब्लफ’ में भले ही वह एक निडर समुद्री डाकू की भूमिका निभा रही हों, लेकिन असल जिंदगी में साहस का असली उदाहरण उन्हें अपनी मां में ही दिखता है। यह घटना न केवल एक मां की बहादुरी को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि मुश्किल वक्त में सूझबूझ और साहस ही सबसे बड़ी ताकत होती है।





