A. R. Rahman सहमत, ‘वीरा राजा वीरा’ में देंगे जूनियर डागर ब्रदर्स को क्रेडिट

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 21-02-2026
A. R. Rahman agrees in Supreme Court to give credit to Junior Dagar Brothers in 'Veera Raja Veera'
A. R. Rahman agrees in Supreme Court to give credit to Junior Dagar Brothers in 'Veera Raja Veera'

 

नई दिल्ली

 मशहूर संगीतकार ए. आर. रहमान ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वे फिल्म ‘वीरा राजा वीरा’ के गाने में जूनियर डागर ब्रदर्स को उचित श्रेय देंगे। यह गाना फिल्म Ponniyin Selvan: II का हिस्सा है।सुप्रीम कोर्ट की पीठ, जिसमें मुख्य न्यायाधीश Surya Kant, जस्टिस Joymalya Bagchi और जस्टिस Vipul M. Pancholi शामिल थे, ने कहा कि इस विवाद से जुड़े सभी लोग संगीत जगत के प्रतिष्ठित नाम हैं। अदालत ने रहमान की ओर से दिए गए आश्वासन को रिकॉर्ड में लेते हुए याचिका का निस्तारण कर दिया।

रहमान की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत को बताया कि गाने में यह क्रेडिट जोड़ा जाएगा:
"Composition inspired by Dagarwani tradition Dhrupad, first recorded as 'Shiv Stuti' by late Ustad Nasir Faiyazuddin Dagar and Ustad Nasir Zahiruddin Dagar, popularly known as Junior Dagar Brothers."

जूनियर डागर ब्रदर्स विवाद: क्या है पूरा मामला?

यह मामला ध्रुपद गायक Faiyaz Wasifuddin Dagar की याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया। उन्होंने सितंबर 2025 के दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें कहा गया था कि ‘शिव स्तुति’ की रचना के संबंध में जूनियर डागर ब्रदर्स — Nasir Zahiruddin Dagar और Nasir Faiyazuddin Dagar — को लेखक मानने के पर्याप्त प्रथम दृष्टया साक्ष्य नहीं हैं।

फैयाज वसीफुद्दीन डागर ने दावा किया था कि जूनियर डागर ब्रदर्स की मूल रचनाओं, जिनमें ‘शिव स्तुति’ भी शामिल है, पर उनका कॉपीराइट है और इसका उल्लंघन किया गया है।

2 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने रहमान को दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा तय 2 करोड़ रुपये की राशि रजिस्ट्रार जनरल के पास अंतरिम रूप से जमा करने का निर्देश भी दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि उसने मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम राय नहीं दी है और संबंधित सिविल मुकदमा स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ेगा।

साथ ही अदालत ने निर्देश दिया कि संशोधित क्रेडिट पांच सप्ताह के भीतर सभी सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर प्रदर्शित किया जाए।गौरतलब है कि 13 फरवरी की सुनवाई में शीर्ष अदालत ने रहमान और फिल्म निर्माताओं को डागरवाणी परंपरा के योगदान को मान्यता देने की सलाह दी थी।