नई दिल्ली।
राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्मकार गुरविंदर सिंह की नई फीचर फिल्म ‘रहमत’ का चयन प्रतिष्ठित 79वें लोकार्नो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल की मुख्य प्रतियोगिता श्रेणी में हुआ है। इस वर्ष स्विट्जरलैंड में आयोजित होने वाले इस प्रतिष्ठित फिल्म महोत्सव में मुख्य प्रतिस्पर्धा में शामिल होने वाली यह भारत की एकमात्र फिल्म है।
5से 15अगस्त तक आयोजित होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह में ‘रहमत’ प्रतिष्ठित पार्डो डी'ओरो (गोल्डन लेपर्ड) पुरस्कार के लिए कॉनकोर्सो इंटरनेशनल श्रेणी में अन्य अंतरराष्ट्रीय फिल्मों से मुकाबला करेगी।
फिल्म को केवल मुख्य प्रतियोगिता तक ही सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे ‘पार्डो फॉर चेंज’ पुरस्कार के लिए भी नामांकित किया गया है। यह सम्मान उन फिल्मों को दिया जाता है जो पर्यावरण, सामाजिक, सांस्कृतिक और नैतिक मुद्दों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
फिल्म में दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, सुविंदर विक्की, मीता वशिष्ठ और नवजोत रंधावा प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगे। यह फिल्म वरिष्ठ पंजाबी साहित्यकार अजीत कौर की लघु कहानियों पर आधारित है।
‘रहमत’ की कहानी वर्तमान पंजाब की पृष्ठभूमि पर आधारित तीन आपस में जुड़ी घटनाओं को दर्शाती है। इसमें एक महिला घायल अजनबी को गुप्त रूप से शरण देती है, एक परिवार शोक और कठिन फैसलों से जूझता है, जबकि एक रहस्यमयी बुजुर्ग गांव में स्वयं को भगवान बताकर लोगों के बीच पहुंचता है।
फिल्म के चयन पर निर्देशक गुरविंदर सिंह ने खुशी जताते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनके उस विश्वास को मजबूत करती है कि आज भी गंभीर और विचारोत्तेजक सिनेमा की अपनी अलग पहचान और प्रासंगिकता बनी हुई है। उनके अनुसार सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि आत्ममंथन और सामाजिक बदलाव का प्रभावी मंच भी है।
उन्होंने कहा कि बाजार केंद्रित दौर और घटते धैर्य के बीच भी ऐसी फिल्मों के लिए जगह होना भारतीय और विश्व सिनेमा के लिए सकारात्मक संकेत है।फिल्म में दीया कंबोज, हरविंदर औजला और जसवंत जफर जैसे नए कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में दिखाई देंगे। फिल्म का निर्माण अजीत कौर और उनकी बेटी, प्रसिद्ध कलाकार अर्पणा कौर ने संयुक्त रूप से किया है।
फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एफटीआईआई) के पूर्व छात्र गुरविंदर सिंह इससे पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं। उनकी पहली फीचर फिल्म ‘अन्हे घोड़े दा दान’ का प्रीमियर 2011में वेनिस फिल्म फेस्टिवल में हुआ था और इस फिल्म ने तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीते थे।
इसके बाद उनकी फिल्म ‘चौथी कूट’ का प्रीमियर 2015में कान्स फिल्म फेस्टिवल में हुआ और इसे सर्वश्रेष्ठ पंजाबी फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। गुरविंदर सिंह की चर्चित फिल्मों में ‘बिटर चेस्टनट’, ‘अध चनानी रात’ और डॉक्यूमेंट्री ‘ट्रॉली टाइम्स’ भी शामिल हैं।
लोकार्नो फिल्म फेस्टिवल में ‘रहमत’ का चयन भारतीय समानांतर सिनेमा के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे न केवल भारतीय फिल्मों की वैश्विक पहचान मजबूत होगी, बल्कि विश्व मंच पर गंभीर और सामाजिक सरोकारों वाले भारतीय सिनेमा को भी नई प्रतिष्ठा मिलेगी।