काजोल बोलीं, बंगाली फिल्में नहीं देखती, करना चाहती हूं अभिनय

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 18-07-2026
Kajol says she doesn't watch Bengali films but wants to act in them.
Kajol says she doesn't watch Bengali films but wants to act in them.

 

नई दिल्ली

बॉलीवुड की लोकप्रिय अभिनेत्री काजोल को वर्ष 2026 के लिए प्रतिष्ठित 'बेस्ट ऑफ द ईयर' सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान पश्चिम बंगाल के प्रमुख मीडिया समूह आनंदबाजार की ओर से दिया गया। पुरस्कार समारोह के दौरान काजोल ने अपने फिल्मी सफर, बंगाली सिनेमा से जुड़ाव, अपनी मां तनुजा से मिली प्रेरणा और काम के प्रति अपने अनुशासित रवैये पर खुलकर बात की।

करीब तीन दशक से हिंदी सिनेमा में सक्रिय काजोल ने 1990 के दशक में अपने अभिनय से जो पहचान बनाई थी, वह आज भी बरकरार है। अपनी सहज अभिनय शैली, दमदार संवाद अदायगी और भावनात्मक भूमिकाओं के लिए मशहूर काजोल आज भी बॉलीवुड की सबसे सम्मानित अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं।

बंगाली फिल्मों को लेकर किया दिलचस्प खुलासा

पुरस्कार समारोह के दौरान जब काजोल से पूछा गया कि क्या वह बंगाली फिल्में देखती हैं, तो उन्होंने बिना किसी झिझक के साफ शब्दों में जवाब दिया, "नहीं।"

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि उन्हें बंगाली सिनेमा से लगाव नहीं है। उन्होंने इच्छा जताई कि यदि उन्हें अच्छा अवसर और उपयुक्त कहानी मिले तो वह भविष्य में बंगाली फिल्मों में काम करना जरूर चाहेंगी।

काजोल ने माना कि उनकी पारिवारिक जड़ें बंगाल से जुड़ी हैं, लेकिन वह बंगाली भाषा उतनी अच्छी तरह नहीं बोल पातीं, जितनी वह चाहती हैं। इसके बावजूद उनका मानना है कि भाषा सीखने और नई संस्कृति से जुड़ने की कोई उम्र नहीं होती।

मां तनुजा से मिली सबसे बड़ी प्रेरणा

कार्यक्रम के दौरान काजोल से उनकी मां और दिग्गज अभिनेत्री तनुजा के बारे में भी सवाल किया गया। तनुजा ने हिंदी और बंगाली दोनों फिल्म उद्योगों में अपनी अलग पहचान बनाई है और उन्हें भारतीय सिनेमा की बेहतरीन अभिनेत्रियों में गिना जाता है।

जब काजोल से पूछा गया कि क्या वह अपनी मां जैसी अभिनेत्री बन पाई हैं, तो उन्होंने बेहद विनम्रता से जवाब दिया,

"मैं अभी भी कोशिश कर रही हूं। मेरी मां एक महान अभिनेत्री हैं। मैंने हमेशा उनकी राह पर चलने की कोशिश की है और आज भी उनसे सीख रही हूं।"

काजोल का यह जवाब दर्शकों और उपस्थित लोगों को काफी पसंद आया। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय भी परिवार से मिले संस्कार और मार्गदर्शन को दिया।

अनुशासन को बताया सफलता का मंत्र

काजोल ने अपने पेशेवर जीवन के बारे में भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि अभिनय की दुनिया में प्रतिभा जितनी जरूरी है, उतना ही महत्वपूर्ण अनुशासन भी है।

उन्होंने कहा,

"मैं बहुत अनुशासित हूं। बॉलीवुड में बहुत कम लोग ऐसे हैं जो समय पर सेट पर पहुंचते हैं और समय पर अपना काम खत्म करके निकलते हैं। मैं हमेशा समय की पाबंदी का पालन करती हूं। यह मेरी आदत और मेरे स्वभाव का हिस्सा है।"

उन्होंने कहा कि समय का सम्मान करना हर कलाकार और पेशेवर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। यही आदत लंबे समय तक करियर को सफल बनाए रखने में मदद करती है।

तीन दशक से कायम है लोकप्रियता

काजोल ने अपने करियर में कई यादगार फिल्में दी हैं और अलग-अलग तरह के किरदार निभाकर दर्शकों का दिल जीता है। रोमांटिक फिल्मों से लेकर पारिवारिक और गंभीर विषयों पर आधारित फिल्मों तक, उन्होंने हर शैली में अपनी अभिनय क्षमता साबित की है। यही वजह है कि नई पीढ़ी के दर्शकों के बीच भी उनकी लोकप्रियता लगातार बनी हुई है।

कई हस्तियों को मिला सम्मान

आनंदबाजार के इस सम्मान समारोह में काजोल के अलावा बंगाली फिल्म और संगीत जगत की कई प्रमुख हस्तियों को भी सम्मानित किया गया। अभिनेत्री पाओली दाम, अभिनेता देव, गायिका निकिता गांधी, पश्चिम बंगाल के मंत्री और रंगकर्मी ब्रात्य बसु सहित कई अन्य कलाकारों को भी 'बेस्ट ऑफ द ईयर' पुरस्कार प्रदान किए गए।

प्रशंसकों ने की सराहना

काजोल के बेबाक जवाब और उनकी सादगी की सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा हो रही है। प्रशंसकों का कहना है कि उन्होंने ईमानदारी से स्वीकार किया कि वह बंगाली फिल्में नहीं देखतीं, लेकिन भविष्य में उनमें काम करने की इच्छा रखती हैं। साथ ही, अपनी मां तनुजा के प्रति सम्मान और अनुशासन को सफलता का आधार बताने वाली उनकी बातें युवा कलाकारों के लिए भी प्रेरणादायक मानी जा रही हैं।