ओनिका माहेश्वरी/ नई दिल्ली
राजस्थान की पहचान कभी सिर्फ रेत के टीलों, किलों और लोक-संस्कृति से जुड़ी थी, लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। आज राजस्थान का नाम आते ही भव्य और महंगी शादियों की छवि उभरती है—डिजाइनर लहंगे-शेरवानी में सजे सितारे, अंतरराष्ट्रीय मेहमान और शाही अंदाज में होने वाले समारोह। देश-विदेश की हस्तियों के बीच यहां शादी करना मानो ‘रॉयल’ स्टेटस का प्रतीक बन गया है।

इन दिनों चर्चा इसलिए भी तेज है क्योंकि अभिनेता Vijay Deverakonda और अभिनेत्री Rashmika Mandanna उदयपुर में विवाह करने जा रहे हैं। 26 फरवरी को होने वाली इस शाही शादी के प्री-वेडिंग समारोह शुरू हो चुके हैं। समारोह में केवल परिवार और करीबी मेहमान शामिल होंगे। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, जिनमें स्थानीय प्रशासन के साथ अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा टीमों की भी तैनाती बताई जा रही है।
वैसे देश में लग्जरी होटल कई जगह हैं, लेकिन राजस्थान की खासियत है—लोकेशन, विरासत और भव्य दृश्यावलियों का अनोखा संगम। Mehrangarh Fort जैसे ऐतिहासिक किले के सामने फेरे लेने की तस्वीर किसी बीच वेडिंग से कहीं अधिक सिनेमाई लगती है। यही वजह है कि राजस्थान अब सिर्फ एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि ‘ड्रीम वेडिंग सेट’ बन चुका है।
अब जयपुर, उदयपुर और जोधपुर के साथ-साथ जैसलमेर, रणथंभौर, पुष्कर और बूंदी भी वेडिंग मैप पर तेजी से उभर रहे हैं। इस बदलाव की शुरुआत 2007 में हुई एक चर्चित शादी से मानी जाती है, जब ब्रिटिश अभिनेत्री Elizabeth Hurley और भारतीय उद्योगपति Arun Nayar ने जोधपुर के Umaid Bhawan Palace में विवाह किया। कई दिनों तक चले इस समारोह की तस्वीरें अंतरराष्ट्रीय मीडिया में छाईं रहीं और दुनिया का ध्यान राजस्थान की ओर गया।
इसके बाद हाई-प्रोफाइल शादियों का सिलसिला शुरू हुआ। पॉप स्टार Katy Perry और अभिनेता Russell Brand ने रणथंभौर में शादी की। फिर Priyanka Chopra–Nick Jonas, Katrina Kaif–Vicky Kaushal, Kiara Advani–Sidharth Malhotra, Hardik Pandya और Raghav Chadha–Parineeti Chopra जैसे कई नामचीन चेहरों ने भी राजस्थान को चुना। नतीजतन, सेलिब्रिटी कल्चर में यह मानो अनकहा नियम बन गया कि शादी को ‘रॉयल’ दिखाना है तो लोकेशन राजस्थान हो।

आंकड़ों के मुताबिक, राजस्थान में हर साल औसतन 15 से 20 लाख शादियां होती हैं। इनमें डेस्टिनेशन वेडिंग का हिस्सा तेजी से बढ़ रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 25 प्रतिशत शादियां कम बजट, 50 प्रतिशत मध्यम बजट (10 लाख रुपये तक), 20 प्रतिशत हाई बजट (50 लाख रुपये तक) और 5 से 7 प्रतिशत शादियों का बजट 50 लाख से 3 करोड़ रुपये तक होता है। डेस्टिनेशन वेडिंग का खर्च 2 करोड़ से 20-25 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
अनुमान है कि एक बड़े वेडिंग सीजन में राज्य में 6,600 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होता है। यह रकम सिर्फ होटल या वेन्यू तक सीमित नहीं रहती, बल्कि डेकोरेशन, कैटरिंग, लोकल ट्रांसपोर्ट, कलाकारों, पर्यटन और छोटे व्यवसायों तक फैली होती है। यानी एक बड़ी शादी पूरे स्थानीय आर्थिक तंत्र को गति देती है।
राजस्थान की लोकप्रियता इतनी बढ़ चुकी है कि पारंपरिक शहरों में वेन्यू की उपलब्धता कम पड़ने लगी है। अकेले रणथंभौर में करीब 40 वेन्यू और 400 से अधिक वेडिंग इवेंट होते हैं, जबकि जैसलमेर में लगभग 25 वेन्यू पर 200 से ज्यादा शादियां आयोजित होती हैं। साफ है कि राजस्थान ने खुद को शादियों के लिए एक ‘लग्जरी ब्रांड’ के रूप में स्थापित कर लिया है—और जब किसी जगह का नाम ही स्टेटस सिंबल बन जाए, तो समझिए उसकी ब्रांडिंग पूरी तरह सफल हो चुकी है।