मुंबई
अजय देवगन की चर्चित फिल्म फ्रेंचाइजी ‘दृश्यम’ एक बार फिर दर्शकों के बीच चर्चा में है। फिल्म के तीसरे और अंतिम भाग ‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ का ट्रेलर बुधवार, 9 सितंबर को जारी कर दिया गया। ट्रेलर में कहानी पहले से ज्यादा तनावपूर्ण नजर आ रही है। तब्बू का किरदार मीरा देशमुख इस बार न्याय से आगे बढ़कर बदले की बात करता दिखाई देता है।
विजय सालगांवकर के परिवार ने करीब एक दशक तक जिस राज को छिपाकर रखा, अब वही राज उनके लिए सबसे बड़ा खतरा बनता नजर आ रहा है। ट्रेलर के संकेत बताते हैं कि विजय की मुश्किलें इस बार पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई हैं।
नई फिल्म में तब्बू एक बार फिर मीरा देशमुख की भूमिका में दिखाई देंगी। मीरा उस लड़के की मां है जिसकी मौत कई साल पहले हुई थी। शुरुआत से ही उसे विजय पर अपने बेटे की मौत में शामिल होने का शक रहा है।
मीरा ने विजय को दोषी मानते हुए लंबे समय तक उसके खिलाफ सबूत जुटाने की कोशिश की। लेकिन अब तक वह उसे कानूनी रूप से फंसा नहीं पाई। नए ट्रेलर में उसका गुस्सा और निराशा दोनों साफ दिखाई देते हैं।
इस बार मीरा का लक्ष्य केवल न्याय हासिल करना नहीं है। वह बदला लेना चाहती है। यही बदलाव फिल्म की कहानी को एक नया मोड़ देता है।
ट्रेलर में मीरा का किरदार साफ संकेत देता है कि अब यह मामला केवल कानून और सबूतों की लड़ाई नहीं रह गया है। यह व्यक्तिगत दुश्मनी में बदल चुका है।
मीरा इस बार अकेली नहीं है। उसके साथ वकील की भूमिका में प्रकाश राज नजर आएंगे। वहीं जयदीप अहलावत क्राइम ब्रांच के एसपी का किरदार निभा रहे हैं।तीनों मिलकर विजय और उसके परिवार तक पहुंचने की कोशिश करते दिखाई देते हैं। उनका मकसद पुराने मामले की सच्चाई सामने लाना है।
प्रकाश राज का किरदार विजय को लेकर एक अहम बात कहता नजर आता है। वह चेतावनी देता है कि विजय की औपचारिक शिक्षा कम होने का मतलब यह नहीं कि वह कम बुद्धिमान है। उसे कम आंकना बड़ी गलती हो सकती है।
यही बात बताती है कि विजय के खिलाफ खड़ी टीम भी जानती है कि सालगांवकर परिवार को घेरना आसान नहीं होगा।
अजय देवगन एक बार फिर विजय सालगांवकर के किरदार में लौटे हैं। पिछली दोनों फिल्मों में विजय अपनी समझदारी और योजना के जरिए पुलिस को चकमा देने में सफल रहा था।लेकिन तीसरे भाग में हालात बदले हुए नजर आते हैं। ट्रेलर में विजय अपनी पत्नी नंदिनी और बेटियों अंजू तथा अनु को चेतावनी देता है कि इस बार परिस्थितियां अलग हैं।
पहले जहां पूरा परिवार मिलकर हर कदम की योजना बनाता था, अब विजय को लगता है कि मामला केवल दिमाग और रणनीति से नहीं सुलझेगा। उसे किस्मत का भी सामना करना पड़ सकता है।
यह संकेत कहानी में एक बड़ा बदलाव दिखाता है। पहली बार विजय को यह एहसास होता दिखाई देता है कि शायद उसके पास हर मुश्किल से निकलने की योजना नहीं है।
‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ को इस फ्रेंचाइजी का अंतिम अध्याय बताया गया है। पहली फिल्म 2015 में रिलीज हुई थी। इसमें विजय ने अपने परिवार को बचाने के लिए एक हत्या को छिपाने की योजना बनाई थी।
इसके बाद कहानी दूसरे भाग तक पहुंची और विजय लगातार पुलिस की पकड़ से बाहर रहा। अब तीसरी फिल्म में करीब दस साल पुराने इस रहस्य के अंतिम नतीजे का इंतजार है।
फ्रेंचाइजी के प्रशंसकों के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या विजय एक बार फिर पुलिस और मीरा को मात दे पाएगा या इस बार उसके परिवार का छिपाया हुआ सच सामने आ जाएगा।
‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ को 2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा। फिल्म का निर्देशन अभिषेक पाठक कर रहे हैं। उन्होंने दूसरी फिल्म के बाद इस फ्रेंचाइजी की जिम्मेदारी संभाली थी।
फ्रेंचाइजी के मूल निर्देशक निशिकांत कामत का अगस्त 2020 में निधन हो गया था। इसके बाद अभिषेक पाठक ने दूसरे भाग से निर्देशन की कमान संभाली और अब तीसरी फिल्म को अंतिम अध्याय के रूप में पेश किया जा रहा है।
फिल्म में अजय देवगन और तब्बू के साथ श्रिया सरन भी नजर आएंगी। विजय की बेटियों के किरदार में इशिता दत्ता और अन्य कलाकार अपनी भूमिकाएं आगे बढ़ाते दिखाई देंगे।
‘दृश्यम’ की सबसे बड़ी ताकत हमेशा उसका रहस्य और कहानी का तनाव रहा है। विजय हर बार अपने परिवार को बचाने के लिए ऐसी कहानी तैयार करता है जिसे पुलिस के लिए तोड़ना आसान नहीं होता।
लेकिन तीसरे भाग का ट्रेलर संकेत देता है कि इस बार चुनौती पहले से बड़ी है। सामने मीरा देशमुख है। उसके साथ अनुभवी वकील और क्राइम ब्रांच के अधिकारी भी हैं।दूसरी ओर विजय को भी पता है कि इस बार खेल बदल चुका है। अब सवाल सिर्फ यह नहीं है कि विजय पुलिस को मात देगा या नहीं। सवाल यह है कि दस साल से दबा हुआ सच आखिर किसके सामने आएगा।
2 अक्टूबर को रिलीज होने वाली ‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ इसी रहस्य का अंतिम जवाब देने का दावा कर रही है। अगर ट्रेलर के संकेत सही साबित होते हैं तो विजय सालगांवकर और मीरा देशमुख के बीच यह आखिरी टकराव फ्रेंचाइजी का सबसे तनावपूर्ण अध्याय हो सकता है।