आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
हॉलीवुड अभिनेत्री ब्लेक लाइवली और अभिनेता-निर्देशक जस्टिन बाल्डोनी के बीच फिल्म “इट एंड्स विद अस” को लेकर चले कानूनी विवाद में अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायाधीश लुईस जे. लिमन ने कहा कि लाइवली अपने बचाव में हुए कानूनी खर्च और वकीलों की फीस की वसूली कर सकती हैं, लेकिन उन्हें अतिरिक्त या दंडात्मक हर्जाना नहीं मिलेगा।
लाइवली ने दिसंबर 2024 में बाल्डोनी पर यौन उत्पीड़न और प्रतिशोधात्मक कार्रवाई का आरोप लगाया था। इसके जवाब में बाल्डोनी ने लाइवली और उनके पति, अभिनेता रयान रेनॉल्ड्स, के खिलाफ मानहानि और जबरन वसूली का मुकदमा दायर किया था। बाद में अदालत ने बाल्डोनी की प्रतिदावा याचिका खारिज कर दी थी।
न्यायाधीश ने अपने फैसले में कैलिफोर्निया के उस कानून का हवाला दिया, जिसका उद्देश्य यौन उत्पीड़न और भेदभाव के पीड़ितों को डराने-धमकाने वाले मुकदमों से सुरक्षा देना है। अदालत ने कहा कि बाल्डोनी यह साबित नहीं कर सके कि लाइवली ने दुर्भावना के साथ आरोप लगाए थे।
हालांकि अदालत ने लाइवली की तिगुना हर्जाना और दंडात्मक क्षतिपूर्ति की मांग को खारिज कर दिया। न्यायाधीश के अनुसार, यह मांग संघीय कानूनी प्रक्रियाओं के अनुरूप नहीं थी।
पिछले महीने दोनों पक्षों ने अपने अधिकांश विवादों का समझौते के जरिए निपटारा कर लिया था। समझौते में लाइवली को कोई आर्थिक मुआवजा नहीं मिला, लेकिन उन्हें कानूनी खर्च की मांग जारी रखने की अनुमति दी गई।
फैसले के बाद दोनों पक्षों ने इसे अपनी-अपनी जीत बताया। लाइवली के वकीलों ने कहा कि अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि उनके आरोप दुर्भावना से प्रेरित नहीं थे। वहीं बाल्डोनी के वकील ने कहा कि लाइवली अपनी करोड़ों डॉलर की क्षतिपूर्ति मांग हासिल करने में असफल रहीं।