मुंबई। दिग्गज पार्श्व गायिका अलका याज्ञनिक ने प्रतिष्ठित पद्म भूषण सम्मान प्राप्त करने के बाद भावुक प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इस सम्मान के लिए आभार जताते हुए पिछले दो वर्षों से चल रही अपनी स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बारे में भी खुलकर बात की। सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक भावुक संदेश में अलका ने बताया कि वह लंबे समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही हैं और अब धीरे-धीरे सामान्य जीवन की ओर लौट रही हैं।
राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अलका याज्ञनिक को देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित किया। समारोह के दौरान अलका को चलते समय सुरक्षा कर्मियों और कार्यक्रम कर्मचारियों का सहारा लेना पड़ा, जिसके बाद उनके स्वास्थ्य को लेकर प्रशंसकों के बीच चिंता बढ़ गई।
सम्मान प्राप्त करने के बाद अलका याज्ञनिक ने इंस्टाग्राम पर एक लंबा संदेश साझा करते हुए लिखा, "पिछले दो वर्षों से मैं सार्वजनिक जीवन और मीडिया की चकाचौंध से दूर रही हूं। मैं अपनी यात्रा के बारे में भी बहुत कम साझा कर पाई। आप में से कई लोग जानते हैं कि मैं स्वास्थ्य संबंधी कठिन दौर से गुजर रही हूं। इस दौरान आपका प्यार, दुआएं, संदेश और अटूट समर्थन हर कदम पर मेरे साथ रहा है।"
अलका ने कहा कि पद्म भूषण सम्मान प्राप्त करना उनके लिए बेहद विनम्र और भावुक कर देने वाला क्षण था। उन्होंने लिखा, "आज जब मैं देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक पद्म भूषण प्राप्त करने के लिए सामने आई, तो मेरा हृदय कृतज्ञता से भरा हुआ था। यह सम्मान जितना मेरा है, उतना ही उन लाखों श्रोताओं का भी है जिन्होंने मेरी आवाज़ को अपने जीवन का हिस्सा बनाया, मेरे गीतों को पीढ़ियों तक जीवित रखा और जीवन के हर उतार-चढ़ाव में मेरा साथ दिया।"
उन्होंने आगे कहा कि यह सम्मान उनके लिए केवल उनके संगीत करियर की उपलब्धि नहीं, बल्कि प्रेम, आशा और संघर्ष से मिली शक्ति का प्रतीक भी है। अलका ने लिखा, "मैं धीरे-धीरे अपनी राह पर वापस लौट रही हूं और आज यहां आना मेरे लिए ही नहीं, बल्कि उन सभी लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण था, जो इस पूरी यात्रा का हिस्सा रहे हैं।"
अलका याज्ञनिक ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्रालय और भारत सरकार का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वर्षों से मिले स्नेह, प्रार्थनाओं और विश्वास को वह हमेशा अपने साथ रखेंगी।
अलका ने अपने संदेश के अंत में लिखा, "आज मैंने केवल एक पुरस्कार स्वीकार नहीं किया, बल्कि उन करोड़ों लोगों का प्यार महसूस किया, जो मेरी यात्रा का हिस्सा रहे हैं।"
भारतीय सिनेमा की सबसे सफल और लोकप्रिय पार्श्व गायिकाओं में शुमार अलका याज्ञनिक ने कई दशकों तक अपनी मधुर आवाज़ से श्रोताओं का दिल जीता है। उन्होंने हिंदी सहित कई भारतीय भाषाओं में हजारों गीत गाए हैं।उनके लोकप्रिय गीतों में 'चोली के पीछे', 'दिल ने ये कहा है दिल से', 'हम तुम', 'घूंघट की आड़ से', 'कुछ कुछ होता है' और 'अगर तुम साथ हो' जैसे कई सदाबहार गीत शामिल हैं। संगीत जगत में उनका योगदान भारतीय सिनेमा के इतिहास में सदैव याद किया जाएगा।