Poster competition organized at AMU on World Population Day.
अलीगढ़
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के सेंटर ऑफ कंटीन्यूइंग एंड एडल्ट एजुकेशन एंड एक्सटेंशन (CCAEE) ने विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षार्थियों में जनसंख्या से जुड़े मुद्दों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें रचनात्मक अभिव्यक्ति के लिए प्रोत्साहित करना था। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अपनी कल्पनाशीलता और सामाजिक सरोकारों को आकर्षक पोस्टरों के माध्यम से प्रस्तुत किया।
विश्व जनसंख्या दिवस हर वर्ष 11 जुलाई को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य बढ़ती जनसंख्या, संसाधनों के संतुलित उपयोग, स्वास्थ्य, शिक्षा, लैंगिक समानता और सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर लोगों को जागरूक करना है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए सीसीएईई ने इस रचनात्मक प्रतियोगिता का आयोजन किया, जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़ती जनसंख्या से जुड़ी चुनौतियों और उनके समाधान को प्रभावशाली ढंग से चित्रित किया।
प्रतियोगिता में केंद्र के लगभग 32 शिक्षार्थियों और हितधारकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने जनसंख्या नियंत्रण, पर्यावरण संरक्षण, परिवार नियोजन, महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और जिम्मेदार नागरिकता जैसे विषयों पर अपने विचार पोस्टरों के माध्यम से प्रस्तुत किए। रंगों, चित्रों और प्रभावशाली संदेशों से सजे पोस्टरों ने सामाजिक जागरूकता का मजबूत संदेश दिया।
प्रतियोगिता का मूल्यांकन एएमयू के ललित कला विभाग की अतिथि शिक्षिका डॉ. अतिया परवीन ने किया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों की रचनात्मक सोच, कलात्मक प्रस्तुति और सामाजिक मुद्दों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों की सृजनात्मक क्षमता को विकसित करने के साथ-साथ उन्हें समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीरता से सोचने के लिए प्रेरित करती हैं।
प्रतियोगिता में मदीहा तनवीर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। तूबा खान को द्वितीय पुरस्कार और शाइज़ीन को तृतीय पुरस्कार मिला। तीनों विजेता कंप्यूटर फंडामेंटल्स एंड एमएस ऑफिस बेसिक्स पाठ्यक्रम की छात्राएं हैं। उनकी प्रस्तुतियों को विषय की गहराई, रचनात्मकता और प्रभावशाली संदेश के आधार पर सर्वश्रेष्ठ माना गया।
इसके अलावा उत्कृष्ट प्रयास के लिए जैद, जो कंप्यूटर फंडामेंटल्स एंड एमएस ऑफिस बेसिक्स पाठ्यक्रम से जुड़े हैं, तथा मुस्कान फातिमा, जो फंक्शनल इंग्लिश पाठ्यक्रम की शिक्षार्थी हैं, को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए। आयोजकों ने कहा कि सभी प्रतिभागियों ने अपने पोस्टरों के माध्यम से समाज के महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीसीएईई के निदेशक डॉ. शमीम अख्तर ने विजेताओं को बधाई दी और सभी प्रतिभागियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं केवल प्रतिभा प्रदर्शन का मंच नहीं होतीं, बल्कि विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी, जागरूकता और रचनात्मक सोच विकसित करने का भी प्रभावी माध्यम हैं।
डॉ. शमीम अख्तर ने कहा कि आज के समय में जनसंख्या, पर्यावरण और सतत विकास जैसे विषयों पर युवाओं की सक्रिय भागीदारी बेहद आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे केवल शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित न रहें, बल्कि सामाजिक मुद्दों के प्रति भी संवेदनशील बनें और जागरूकता फैलाने में अपनी भूमिका निभाएं।
उन्होंने यह भी कहा कि सेंटर ऑफ कंटीन्यूइंग एंड एडल्ट एजुकेशन एंड एक्सटेंशन भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा, ताकि शिक्षार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर सकारात्मक सोच विकसित करने का अवसर मिलता रहे।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. शमीम अख्तर ने सभी प्रतिभागियों, निर्णायक, शिक्षकों और आयोजन से जुड़े सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि इस तरह की रचनात्मक गतिविधियां विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने, सामाजिक चेतना विकसित करने और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। विश्व जनसंख्या दिवस पर आयोजित यह प्रतियोगिता शिक्षार्थियों के लिए सीखने, सोचने और समाज के प्रति अपने विचारों को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त करने का एक प्रेरक मंच साबित हुई।