नीट परीक्षा: कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष ने यातायात के कारण विद्यार्थियों को हुई परेशानी पर खेद जताया

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 22-06-2026
NEET exam: Karnataka Congress president regrets traffic inconvenience to students
NEET exam: Karnataka Congress president regrets traffic inconvenience to students

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने सोमवार को नीट (स्नातक) पुन: परीक्षा में शामिल होने वाले कुछ छात्रों को यातायात जाम की वजह से समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने में हुई परेशानी पर अफसोस जताया, वहीं उन्होंने प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर भाजपा पर भी निशाना साधा।
 
उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद तेजस्वी सूर्या का नाम लिए बिना उन पर तंज कसते हुए कहा कि बेंगलुरु के ‘एक्ज़िट मास्टर’ कांग्रेस पर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।
 
सूर्या ने एक दिन पहले नीट परीक्षा के दिन (21 जून) बेंगलुरु में कांग्रेस की बड़ी रैली आयोजित करने पर सत्ताधारी पार्टी पर निशाना साधा था जिस पर हरिप्रसाद की प्रतिक्रिया आई।
 
सूर्या ने आरोप लगाया था कि रैली की वजह से भारी यातायात जाम हुआ और परीक्षा केंद्रों पर जा रहे छात्रों को परेशानी हुई।
 
हरिप्रसाद ने पत्रकारों से कहा, ‘‘मैंने अखबारों और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ऐसी खबरें देखी हैं कि कुछ छात्रों को परीक्षा में शामिल होने से पहले परेशानी का सामना करना पड़ा। अगर हमारे किसी भी बच्चे को ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ा है, तो उनके साथ जो हुआ, उस पर मुझे गहरा अफ़सोस है।’’
 
उन्होंने कहा कि कलबुर्गी और मंगलुरु जैसी जगहों पर, जहां कांग्रेस का कोई कार्यक्रम नहीं था, हजारों छात्र परीक्षा में शामिल नहीं हुए।
 
खबरों का हवाला देते हुए हरिप्रसाद ने कहा कि बेंगलुरु में केवल तीन छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
 
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘अगर हमारे किसी भी बच्चे को परेशानी हुई है, तो मेरी गहरी संवेदनाएं उनके साथ हैं। लेकिन साथ ही, मैं भाजपा से यह सवाल पूछना चाहता हूं कि उसने इन छात्रों के लिए क्या किया है। दो बार नीट के प्रश्नपत्र लीक हुए। लगभग 20 छात्रों ने आत्महत्या की है।’’
 
कथित पेपर लीक मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधते हुए हरिप्रसाद ने दावा किया कि वे इस मुद्दे पर अफ़सोस जताने और ज़िम्मेदारी लेने में नाकाम रहे हैं।