नई दिल्ली:
जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने अंतरराष्ट्रीय उच्च शिक्षा रैंकिंग में अपनी स्थिति और मजबूत करते हुए एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय को QS एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में 183वां स्थान मिला है। वहीं, दक्षिण एशिया के विश्वविद्यालयों में जामिया ने 29वां स्थान हासिल किया है। पिछले साल की तुलना में विश्वविद्यालय की एशियाई रैंकिंग में 14 स्थान का सुधार हुआ है। QS एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में जामिया 197वें स्थान पर था।
QS क्वाक्वेरेली साइमंड्स की ओर से जारी इस रैंकिंग में जामिया को एशिया के प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों में जगह मिली है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध गतिविधियों, ज्ञान के सृजन, नवाचार और अंतरराष्ट्रीय अकादमिक सहयोग के क्षेत्र में लगातार हो रही प्रगति को दर्शाती है।
इस उपलब्धि पर जामिया के कुलपति प्रो. मजहर आसिफ ने विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों, अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता विश्वविद्यालय के सभी सदस्यों के साझा प्रयासों और समर्पण का नतीजा है।
कुलपति ने कहा कि जामिया शैक्षणिक उत्कृष्टता के अपने स्तर को और बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए उच्च गुणवत्ता वाले शोध को प्रोत्साहित करने, नवाचार को बढ़ावा देने और विभिन्न विषयों के बीच अकादमिक सहयोग मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थानों के साथ साझेदारी और जुड़ाव का दायरा भी बढ़ाया जाएगा, ताकि विश्वविद्यालय के शिक्षण और शोध के वातावरण को और बेहतर बनाया जा सके।
जामिया के रजिस्ट्रार प्रो. मोहम्मद महताब आलम रिजवी ने भी इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के शिक्षण और शोध समुदाय के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि QS एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में बेहतर स्थान हासिल करना शैक्षणिक गुणवत्ता के प्रति जामिया के निरंतर प्रयासों का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में विश्वविद्यालय में शोध और अकादमिक प्रकाशनों की गतिविधियों में वृद्धि हुई है। रैंकिंग में सुधार जामिया के विकास, विस्तार और संस्थागत प्रगति को भी रेखांकित करता है।
विश्वविद्यालय के इंटरनल क्वालिटी एश्योरेंस सेल (IQAC) की मानद निदेशक प्रो. रफत परवीन ने इस सफलता पर पूरे जामिया परिवार को बधाई दी। उन्होंने विशेष रूप से IQAC की टीम के योगदान की सराहना की। इस टीम ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग के लिए जरूरी संस्थागत आंकड़ों और सूचनाओं को एकत्र करने, उनका संकलन करने, सत्यापन करने और निर्धारित प्रक्रिया के तहत जमा कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने IQAC के साथ-साथ विभिन्न संकायों, विभागों, केंद्रों और प्रशासनिक इकाइयों के शिक्षकों एवं कर्मचारियों के योगदान को भी महत्वपूर्ण बताया। प्रशासन के अनुसार, सभी इकाइयों के बीच बेहतर तालमेल और सामूहिक प्रयासों से विश्वविद्यालय की संस्थागत पहचान मजबूत हुई है। इससे अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग प्रक्रियाओं में जामिया की भागीदारी और प्रदर्शन को बेहतर बनाने में मदद मिली है।
जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने कहा है कि वह शिक्षा की गुणवत्ता, शोध क्षमता, नवाचार और गुणवत्ता मूल्यांकन की व्यवस्था को लगातार मजबूत करने की दिशा में काम करता रहेगा। विश्वविद्यालय का लक्ष्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उच्च शिक्षा के विकास में अपनी भूमिका को और प्रभावशाली बनाना है।
QS एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग में 14 स्थान का सुधार जामिया के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे विश्वविद्यालय की एशियाई उच्च शिक्षा जगत में बढ़ती पहचान और अकादमिक प्रतिस्पर्धा में उसकी बेहतर होती स्थिति का पता चलता है।