DU के 11 कॉलेजों को 12वीं के अंकों पर UG दाखिले की मंजूरी

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 21-08-2026
Eleven DU colleges allowed to admit UG students based on Class 12 marks to fill vacant seats
Eleven DU colleges allowed to admit UG students based on Class 12 marks to fill vacant seats

 

नई दिल्ली
 
दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने खाली सीटों को भरने के लिए 11 कॉलेजों को कुछ चुनिंदा स्नातक (UG) पाठ्यक्रमों में CUET स्कोर के बजाय कक्षा 12वीं के बोर्ड परीक्षा अंकों के आधार पर दाखिला देने की अनुमति दी है। विश्वविद्यालय के प्रवेश विभाग की ओर से जारी सार्वजनिक नोटिस में यह जानकारी दी गई।
 
नोटिस के मुताबिक, कालिंदी कॉलेज, जाकिर हुसैन दिल्ली कॉलेज (ईवनिंग), लक्ष्मीबाई कॉलेज, राजधानी कॉलेज, श्यामा प्रसाद मुखर्जी कॉलेज फॉर विमेन, पीजीडीएवी (ईवनिंग), श्री गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज ऑफ कॉमर्स, विवेकानंद कॉलेज, श्याम लाल कॉलेज, अदिति महाविद्यालय और भगिनी निवेदिता कॉलेज में कुछ पाठ्यक्रमों के लिए दाखिले शुरू किए गए हैं।
 
विश्वविद्यालय ने कहा कि इन कॉलेजों में पात्रता मानदंड पूरा करने वाले छात्रों को कक्षा 12वीं के अंकों की मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। हालांकि, जिन छात्रों का DU के किसी कॉलेज में पहले ही दाखिला हो चुका है, वे इस प्रक्रिया के तहत दोबारा प्रवेश नहीं ले सकेंगे।
 
नोटिस में कहा गया, “विश्वविद्यालय के किसी भी कॉलेज में पहले से दाखिला ले चुका कोई उम्मीदवार कक्षा 12वीं के अंकों की मेरिट के आधार पर दाखिले के लिए पात्र नहीं होगा।” इच्छुक छात्रों को संबंधित कॉलेजों की वेबसाइट पर विस्तृत जानकारी देखने की सलाह दी गई है।
 
किन कॉलेजों और पाठ्यक्रमों में दाखिले?
इस व्यवस्था के तहत अलग-अलग कॉलेजों में कई पाठ्यक्रम शामिल हैं। उदाहरण के लिए, कालिंदी कॉलेज में BA (ऑनर्स) हिंदी, BA (ऑनर्स) संस्कृत और BSc (ऑनर्स) फिजिक्स के लिए दाखिले खोले गए हैं।
 
जाकिर हुसैन दिल्ली कॉलेज (ईवनिंग) में BA (ऑनर्स) फारसी, संस्कृत और उर्दू समेत कई BA प्रोग्राम संयोजनों में प्रवेश दिया जा रहा है।
 
राजधानी कॉलेज में BA (ऑनर्स) संस्कृत, BSc (प्रोग्राम) एप्लाइड फिजिकल साइंस विद इंडस्ट्रियल केमिस्ट्री, BSc (प्रोग्राम) फिजिकल साइंस विद केमिस्ट्री, BA प्रोग्राम विद संस्कृत एंड हिस्ट्री, BSc (ऑनर्स) फिजिक्स और BA (ऑनर्स) हिंदी जैसे पाठ्यक्रम शामिल हैं।
 
वहीं, श्याम लाल कॉलेज में BSc फिजिकल साइंस विद केमिस्ट्री, BSc फिजिकल साइंस विद इलेक्ट्रॉनिक्स और BA (ऑनर्स) हिंदी में दाखिले के विकल्प उपलब्ध हैं।
 
DU ने क्यों लिया फैसला?
DU के कुलपति योगेश सिंह ने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य CUET आधारित प्रवेश प्रक्रिया के बाद खाली रह गई सीटों को भरना है।
 
उन्होंने कहा, “हम CUET के जरिए विभिन्न कॉलेजों में 66,000 छात्रों का दाखिला कर पाए हैं। अब हम इस प्रक्रिया के जरिए और सीटें भरने की कोशिश कर रहे हैं।”
 
कुलपति के अनुसार, खाली सीटों का कारण जरूरी नहीं कि CUET हो। कुछ पाठ्यक्रमों की मांग कम होने के कारण पहले भी उनमें सीटें खाली रह जाती थीं।
 
इस वर्ष DU के विभिन्न कार्यक्रमों में करीब 71,600 स्नातक सीटें उपलब्ध थीं, जिनमें 100 से अधिक BA प्रोग्राम संयोजन शामिल हैं।
 
शिक्षकों ने उठाए सवाल
हालांकि, DU के इस फैसले को लेकर शिक्षकों के एक वर्ग ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि 2022 से DU में UG दाखिले के लिए CUET मुख्य माध्यम रहा है और CUET आधारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद बोर्ड अंकों के आधार पर एक अलग व्यवस्था शुरू करना विश्वविद्यालय की प्रवेश नीति को लेकर सवाल खड़े करता है।
 
DU के एसोसिएट प्रोफेसर रुद्राशीष चक्रवर्ती ने इसे स्नातक दाखिलों को संभालने में “नीतिगत पंगुता” बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या विश्वविद्यालय के कॉलेजों को केंद्रीय प्रवेश नीति के बीच में स्वतंत्र रूप से अपनी दाखिला प्रक्रिया बदलने का अधिकार है।
 
वहीं, दयाल सिंह कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर नवीन गौर ने इसे CUET और कॉमन सीट अलोकेशन सिस्टम (CSAS) आधारित प्रवेश प्रक्रिया की “सामूहिक और व्यापक विफलता” करार दिया।
 
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या विश्वविद्यालय अपने वैधानिक निकायों की मंजूरी के बिना प्रवेश नीति में इतना बड़ा बदलाव कर सकता है।
 
इस फैसले के बाद एक ही शैक्षणिक सत्र में दो अलग-अलग प्रवेश व्यवस्थाओं—अधिकांश सीटों के लिए CUET और चुनिंदा खाली सीटों के लिए 12वीं की मेरिट— के समानांतर चलने को लेकर बहस तेज हो गई है।