आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
एशियाई बाजारों में कमजोरी और चार दिन की तेजी के बाद मुनाफावसूली हावी होने से स्थानीय शेयर बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 104 अंक टूट गया जबकि निफ्टी में 32 अंक का नुकसान रहा।
विश्लेषकों के मुताबिक, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) शेयरों में खरीदारी से गिरावट कुछ हद तक थम गई।
बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स बिकवाली के दबाव में 104.35 अंक यानी 0.13 प्रतिशत गिरकर 78,180.72 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 379.85 अंक चढ़कर 78,664.92 अंक तक चला गया था।
वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी भी 31.65 अंक यानी 0.13 प्रतिशत फिसलकर 24,398.70 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स की कंपनियों में ट्रेंट में सर्वाधिक 12.42 प्रतिशत की गिरावट रही। कंपनी की जून तिमाही की आय वृद्धि बाजार के अनुमान से कम रहने के बाद इसमें भारी बिकवाली देखी गई।
इसके अलावा अदाणी पोर्ट्स, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, लार्सन एंड टुब्रो, रिलायंस इंडस्ट्रीज और आईसीआईसीआई बैंक भी नुकसान में रहे।
दूसरी तरफ, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, टाइटन, इटर्नल और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) प्रमुख रूप से बढ़त में रहे।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, “कारोबारी सत्र के उत्तरार्ध में मुनाफावसूली हावी रही। एशियाई बाजारों में कमजोरी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक के ब्योरे से पहले निवेशकों की सतर्कता का असर दिखा। हालांकि, आईटी शेयरों में खरीदारी से बाजार को कुछ सहारा मिला।”
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी 4.91 प्रतिशत तक टूट गया। जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग भी नुकसान में बंद हुए।
यूरोपीय बाजारों में दोपहर के कारोबार में मिला-जुला रुख देखा गया। अमेरिकी बाजार सोमवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.22 प्रतिशत बढ़कर 72.87 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 243.03 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे।
इससे पहले सोमवार को सेंसेक्स 521.16 अंक उछलकर 78,285.07 अंक पर और निफ्टी 159.50 अंक चढ़कर 24,430.35 अंक पर बंद हुआ था।
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