आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
स्थानीय शेयर बाजारों में मंगलवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में गिरावट रही। सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), पेट्रोलियम एवं गैस तथा चुनिंदा बैंकिंग क्षेत्र के शेयरों में बिकवाली के बीच अमेरिका-ईरान के बीच दोहा में होने वाली वार्ता के अगले दौर को लेकर अनिश्चितता से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई।
बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स शुरुआती बढ़त गंवाते हुए 249.70 अंक यानी 0.33 प्रतिशत टूटकर 76,478.67 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 398.98 अंक यानी 0.51 प्रतिशत टूटकर 76,329.39 अंक तक आ गया था।
एनएसई निफ्टी भी 80.50 अंक यानी 0.34 प्रतिशत फिसलकर 23,865.75 अंक पर बंद हुआ।
विश्लेषकों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की ताजा बिकवाली तथा प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयरों में कमजोरी से बाजार की धारणा प्रभावित हुई।
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, आईटीसी और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयर सबसे अधिक नुकसान में रहे। वहीं, मारुति, टाइटन, बजाज फाइनेंस और इटर्नल के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘ भू-राजनीतिक चिंताएं कुछ कम हुई हैं, लेकिन अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौते की नाजुक स्थिति निवेशकों की धारणा पर असर डाल रही है जिससे बाजार को स्पष्ट दिशा नहीं मिल पा रही।’’
उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा, लेकिन आईटी क्षेत्र सबसे अधिक दबाव में रहा।
एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की 225 और चीन का शंघाई एसएसई कम्पोजिट बढ़त में रहे जबकि हांगकांग का हैंग सेंग नुकसान के साथ बंद हुआ।