India's industrial output grows 5.1 pc in May, manufacturing, electricity sectors drive expansion
नई दिल्ली
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में मई 2026 में पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 5.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसमें मैन्युफैक्चरिंग और बिजली क्षेत्रों की वृद्धि का योगदान रहा। मंत्रालय ने बताया कि मई में मैन्युफैक्चरिंग आउटपुट में साल-दर-साल 5.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि बिजली और गैस आपूर्ति क्षेत्र में 9.9 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई।
हालांकि, इस महीने के दौरान माइनिंग और क्वारींग (खनन और उत्खनन) में 1.6 प्रतिशत की गिरावट आई। मई 2026 में IIP का 'क्विक एस्टीमेट' (त्वरित अनुमान) 122.7 रहा, जबकि मई 2025 में यह 116.7 था।
MoSPI ने IIP तैयार करने के तरीके में एक बड़ा बदलाव भी घोषित किया। मंत्रालय ने 2022-23 के आधार वर्ष वाली नई IIP सीरीज के लिए 'आउटपुट प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स' (Output PPI) को 'डिफ्लेटर' के रूप में अपनाया है, जिसने 'होलसेल प्राइस इंडेक्स' (WPI) की जगह ली है।
मंत्रालय के अनुसार, इस बदलाव का असर IIP बास्केट में शामिल 463 आइटम ग्रुप्स में से 234 पर पड़ा है, जो कुल इंडेक्स वेट (भारांक) का 36.02 प्रतिशत है। यह संशोधित सीरीज, 1 जून 2026 को जारी की गई पिछली WPI-आधारित IIP 2022-23 सीरीज की जगह लेगी। MoSPI ने कहा कि Output PPI, WPI की तुलना में कीमतों का अधिक विस्तृत ढांचा प्रदान करता है और इससे मूल्य-आधारित उत्पादन वाली वस्तुओं के वास्तविक आउटपुट का अनुमान बेहतर होगा। मंत्रालय ने कहा कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनाए जाने वाले सर्वोत्तम तरीकों और IIP के आधार वर्ष में संशोधन पर बनी तकनीकी सलाहकार समिति की सिफारिशों के अनुरूप है। मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में, मई 2026 के दौरान 23 में से 16 इंडस्ट्री ग्रुप्स ने सकारात्मक वृद्धि दर्ज की।
मैन्युफैक्चरिंग वृद्धि में योगदान देने वाले शीर्ष तीन क्षेत्र थे: "मोटर वाहनों, ट्रेलरों और सेमी-ट्रेलरों का निर्माण" (14.5 प्रतिशत वृद्धि), "इलेक्ट्रिकल उपकरणों का निर्माण" (20.8 प्रतिशत वृद्धि) और "बेसिक मेटल्स (मूल धातुओं) का निर्माण" (4.6 प्रतिशत वृद्धि)। मंत्रालय के अनुसार, मोटर वाहन सेक्टर में बढ़ोतरी में पैसेंजर कार, ऑटो पार्ट्स, स्पेयर पार्ट्स और एक्सेसरीज़, और कमर्शियल वाहनों का अहम योगदान रहा।
इस्तेमाल के आधार पर वर्गीकरण में, कैपिटल गुड्स में सबसे ज़्यादा 12.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, इसके बाद कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 7.2 प्रतिशत, इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन से जुड़े सामान में 5.9 प्रतिशत, इंटरमीडिएट गुड्स में 5.8 प्रतिशत, कंज्यूमर नॉन-ड्यूरेबल्स में 3.6 प्रतिशत और प्राइमरी गुड्स में 2.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
मंत्रालय ने कहा कि मई में कुल औद्योगिक विकास में इंटरमीडिएट गुड्स, कैपिटल गुड्स और प्राइमरी गुड्स का सबसे ज़्यादा योगदान रहा। MoSPI ने यह भी बताया कि जून 2026 के लिए अगला IIP डेटा 28 जुलाई को जारी किया जाएगा।