आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
पश्चिम एशिया में तनाव गहराने के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल से सोमवार को निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई लेकिन निचले स्तर पर खरीदारी आने से घरेलू शेयर बाजार लगभग स्थिर रुख के साथ बंद हुए।
विश्लेषकों के मुताबिक, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में मजबूती ने भू-राजनीतिक चिंताओं के असर को कुछ हद तक संतुलित किया, जिससे बाजार शुरुआती गिरावट से उबरने में सफल रहा।
बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स सुबह के सत्र में बड़ी गिरावट के बाद 219.9 अंक तक चढ़ गया, लेकिन वह अपनी बढ़त कायम नहीं रख सका। कारोबार के अंत में यह 47.01 अंक यानी 0.06 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 77,616.40 अंक पर बंद हुआ। शुरुआती कारोबार में यह 711.96 अंक यानी 0.91 प्रतिशत टूटकर 76,857.43 अंक तक पहुंच गया था।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का मानक सूचकांक निफ्टी भी 4.10 अंक यानी 0.02 प्रतिशत की हल्की बढ़त के साथ 24,211 अंक पर बंद हुआ और इसमें लगातार तीसरे सत्र में तेजी दर्ज की।
सेंसेक्स की कंपनियों में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) 5.43 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे अधिक लाभ में रही। इसके अलावा एचसीएल टेक 5.02 प्रतिशत, टेक महिंद्रा 3.34 प्रतिशत, इन्फोसिस 3.17 प्रतिशत, एनटीपीसी 2.18 प्रतिशत और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर 1.83 प्रतिशत चढ़े।
दूसरी तरफ, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), मारुति, अल्ट्राटेक सीमेंट और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे शेयर नुकसान में रहे।
पश्चिम एशिया में फिर से तनाव बढ़ने के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 2.57 प्रतिशत बढ़कर 77.96 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
ऑनलाइन ट्रेडिंग फर्म एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी पोनमुडी आर ने कहा, ‘‘अमेरिका एवं ईरान के बीच बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य की तनावपूर्ण स्थिति के कारण तेल की आपूर्ति पर असर पड़ा है, जिससे कच्चे तेल के दाम बढ़े और निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।’’
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी 8.95 प्रतिशत गिर गया जबकि जापान का निक्की और चीन का शंघाई कम्पोजिट भी नुकसान में रहे। हांगकांग का हैंग सेंग मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ।