वित्त वर्ष 2024-25 में 13 राज्यों ने दर्ज किया राजस्व अधिशेष, 15 घाटे में : कैग रिपोर्ट

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 16-06-2026
13 states recorded revenue surplus, 15 in deficit in FY 2024-25: CAG report
13 states recorded revenue surplus, 15 in deficit in FY 2024-25: CAG report

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
उत्तर प्रदेश, गुजरात, झारखंड, मणिपुर और नौ अन्य राज्यों ने 2024-25 में राजस्व अधिशेष दर्ज किया है, जबकि शेष 15 राज्यों को राजस्व घाटे का सामना करना पड़ा।
 
भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) के. संजय मूर्ति द्वारा मंगलवार को जारी ‘राज्य वित्त 2024-25’ रिपोर्ट के अनुसार, 18 राज्यों ने राजस्व अधिशेष, तीन राज्यों ने राजस्व घाटे और सात राज्यों ने शून्य राजस्व घाटे का लक्ष्य रखा था।
 
रिपोर्ट में कहा गया कि 2024-25 में 15 राज्य राजस्व घाटे में रहे जबकि 13 राज्य राजस्व अधिशेष में थे।
 
राजस्व अधिशेष का लक्ष्य रखने वाले 18 राज्यों में से नौ ने इसे हासिल किया। वहीं असम, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मिजोरम और तेलंगाना राजस्व घाटे में रहे।
 
सात राज्यों.... गोवा, झारखंड, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, त्रिपुरा और उत्तर प्रदेश ने शून्य राजस्व घाटे का लक्ष्य रखा था। इनमें से गोवा, झारखंड, त्रिपुरा और उत्तर प्रदेश ने राजस्व अधिशेष हासिल किया जबकि पंजाब, राजस्थान और तमिलनाडु वर्ष के अंत में राजस्व घाटे में रहे।
 
इसके अलावा 15 राज्य 2024-25 में राजस्व घाटे में रहे। वहीं हिमाचल प्रदेश, मिजोरम, पंजाब और पश्चिम बंगाल को वित्त आयोग से राजस्व घाटा अनुदान प्राप्त हुआ।
 
रिपोर्ट में कहा गया कि यदि वित्त आयोग द्वारा 2024-25 के लिए राज्यों के लिए निर्धारित सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के तीन प्रतिशत के राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को देखें, तो 18 राज्य इस लक्ष्य से ऊपर रहे।
 
वहीं 15 घाटे वाले राज्यों का कुल राजस्व घाटा 3,46,385 करोड़ रुपये रहा, जो उनके संयुक्त जीएसडीपी का 1.5 प्रतिशत था।
 
सभी 28 राज्यों के समायोजन के बाद शुद्ध राजस्व घाटा 2,19,041 करोड़ रुपये रहा, जो संयुक्त जीएसडीपी का 0.68 प्रतिशत है।
 
मूर्ति ने कहा, ‘‘ मुझे उम्मीद है कि यह रिपोर्ट सरकारों, शोधकर्ताओं, नीति-निर्माताओं और नागरिकों के लिए तथ्यों पर आधारित एक उपयोगी संसाधन साबित होगी। इससे राज्यों की वित्तीय स्थिति को बेहतर ढंग से समझने और सही जानकारी के आधार पर वित्तीय फैसले लेने में मदद मिलेगी।’’