AI चिप की कमी के बीच सैमसंग फोल्डेबल फोन की कीमत बढ़ाएगा

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 07-07-2026
Samsung to hike foldable phone price amid AI chip shortage
Samsung to hike foldable phone price amid AI chip shortage

 

सियोल [दक्षिण कोरिया]
 
AI मेमोरी की मौजूदा कमी की वजह से टेक कंपनी सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स को अपने आने वाले फोल्डेबल स्मार्टफोन की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी करनी पड़ रही है। इससे पता चलता है कि AI चिप की बढ़ती मांग कैसे कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स की कीमतों को बदल रही है। कीमतों में होने वाले ये बदलाव सैमसंग की पुरानी प्राइसिंग स्ट्रेटेजी से काफी अलग हैं। 'द कोरिया हेराल्ड' की एक रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण कोरिया के टेलीकॉम डिस्ट्रीब्यूशन चैनलों से लीक हुई कीमतों से पता चलता है कि एंट्री-लेवल Galaxy Z Flip8 की कीमत अपने पिछले मॉडल की तुलना में लगभग 13 प्रतिशत बढ़ जाएगी। इसकी मुख्य वजह ज़रूरी मेमोरी कंपोनेंट्स की वैश्विक कमी है।
 
Galaxy Z Flip8 की तुलना पिछले साल के मॉडल से आसानी से की जा सकती है क्योंकि बाज़ार में इसका सीधा पिछला मॉडल मौजूद है। स्थानीय आउटलेट 'ब्लोटर' का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि Flip8 के 256-गीगाबाइट वर्शन की घरेलू कीमत लगभग 1.68 मिलियन वॉन (USD 1,100) होने की उम्मीद है। यह Flip7 की तुलना में लगभग 198,000 वॉन या 13.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। रिपोर्ट के अनुसार, बड़ी Galaxy Z Fold सीरीज़ की तुलना करना थोड़ा मुश्किल है क्योंकि आने वाली पीढ़ी में इसमें संरचनात्मक बदलाव किए जा रहे हैं। सैमसंग इस सीरीज़ को दो हिस्सों में बांट रहा है: एक प्रीमियम Fold8 Ultra, जिसकी कीमत लगभग 2.58 मिलियन वॉन (USD 1,842) होने का अनुमान है, और एक नया वाइड-फॉर्मेट Fold8, जिसकी कीमत लगभग 2.28 मिलियन वॉन (USD 1,628) होने की उम्मीद है। इनमें से किसी भी मॉडल का पिछले साल कोई सीधा या हूबहू पिछला मॉडल नहीं है।
 
कीमतों में यह बढ़ोतरी दक्षिण कोरिया के बाहर भी देखी जा रही है। जर्मन पब्लिकेशन 'WinFuture' ने रिटेल सूत्रों का हवाला देते हुए बताया है कि Fold8 Ultra के 1-टेराबाइट वर्शन की कीमत में 280 यूरो (USD 320) की बढ़ोतरी होगी, जिससे इसकी रिटेल कीमत 2,799 यूरो (USD 3201.13) हो जाएगी। सबसे ज़्यादा बढ़ोतरी इन्हीं ज़्यादा क्षमता वाले मॉडल्स में देखी जा रही है, क्योंकि इनमें मेमोरी की लागत का उत्पादन पर सबसे ज़्यादा असर पड़ता है। इंडस्ट्री में यह बड़ा बदलाव सीधे तौर पर मेमोरी मैन्युफैक्चरिंग रिसोर्स के बड़े पैमाने पर पुनर्वितरण (reallocation) के कारण आया है।
 
AI डेटा सेंटर्स द्वारा वैश्विक मेमोरी उत्पादन का एक बड़ा हिस्सा इस्तेमाल किए जाने के कारण, स्टैंडर्ड DRAM और NAND फ्लैश चिप्स - जिन पर स्मार्टफोन निर्भर करते हैं - की कमी हो गई है और वे महंगे हो गए हैं। न्यूज़ रिपोर्ट के अनुसार, कंपोनेंट की कमी का सैमसंग पर दो विपरीत दिशाओं में असर पड़ रहा है। जहाँ मेमोरी चिप की कमी से सैमसंग के सेमीकंडक्टर डिवीज़न के लिए एक शानदार तिमाही रहने की उम्मीद है, वहीं इसी सप्लाई की कमी से उसके मोबाइल फ़ोन डिवीज़न के मार्जिन पर बुरा असर पड़ रहा है। कुछ एनालिस्ट का मानना ​​है कि स्मार्टफोन यूनिट को अपनी पहली तिमाही में नुकसान हो सकता है क्योंकि कंपोनेंट की लागत डिवीज़न की सहन करने की क्षमता से अधिक हो गई है।
 
खबरों के मुताबिक, सैमसंग 22 जुलाई को लंदन में नए डिवाइस पेश करने वाला है और इसके बाद 7 अगस्त को दक्षिण कोरिया में इन्हें कमर्शियल तौर पर लॉन्च किया जाएगा, हालांकि कंपनी ने आधिकारिक तौर पर इन तारीखों की पुष्टि नहीं की है। महंगाई का दबाव पूरे मोबाइल उद्योग पर भी पड़ रहा है। Apple ने पहले ही अपने MacBook और iPad की कीमतों में 300 USD तक की बढ़ोतरी की है, और कई चीनी निर्माताओं ने भी इसी तरह की बढ़ोतरी की है।
 
मार्केट रिसर्च फर्म IDC का हवाला देते हुए, न्यूज़ रिपोर्ट में बताया गया है कि इस साल ग्लोबल स्मार्टफोन शिपमेंट में 12.9 प्रतिशत की गिरावट आएगी। यह गिरावट मुख्य रूप से लो-एंड (सस्ते) स्मार्टफोन सेगमेंट में होगी, क्योंकि कंपोनेंट की बढ़ती लागत के कारण बाज़ार में सबसे सस्ते डिवाइस की कीमतें बढ़ गई हैं।