आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
रुपया बुधवार को 59 पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.55 (अस्थायी) पर रहा।
होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन वाणिज्यिक पोतों को निशाना बनाए जाने के कुछ घंटों बाद अमेरिकी सेना ने बुधवार तड़के ईरान के खिलाफ हमले किए। इससे दोनों देशों के बीच युद्ध समाप्त करने को लेकर हुए अंतरिम समझौते पर खतरा खड़ा हो गया है। इस घटनाक्रम से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई और अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ जिससे रुपये पर दबाव बना।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, घरेलू शेयर बाजारों में कमजोरी ने भी स्थानीय मुद्रा पर दबाव डाला।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.15 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान यह डॉलर के मुकाबले 94.98 से 95.61 के दायरे में रहा। अंततः यह 95.55 (अस्थायी) पर रहा जो पिछले बंद भाव से 59 पैसे की गिरावट है।
रुपया मंगलवार को 47 पैसे मजबूत होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.96 पर बंद हुआ था।
फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के कोष प्रमुख और कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने कहा, ‘‘ रुपया, डॉलर के मुकाबले कमजोरी के साथ खुला और दिनभर इसमें उतार-चढ़ाव बना रहा... शेयर बाजारों में गिरावट और डॉलर में मजबूती के कारण गिरावट पर डॉलर की खरीदारी हुई। कुल मिलाकर आज रुपये की कमजोरी बाहरी कारकों से प्रेरित रही, जिसका मुख्य कारण कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, मजबूत अमेरिकी डॉलर और भू-राजनीतिक अनिश्चितता रही।’’
उन्होंने कहा कि बृहस्पतिवार को रुपये के 95.25 से 96.00 के दायरे में रहने की उम्मीद है।