आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
Motilal Oswal Financial Services की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक शेयर बाजारों की तुलना में भारत का कमजोर प्रदर्शन घरेलू अर्थव्यवस्था की कमजोरी नहीं, बल्कि एआई सेक्टर में कम हिस्सेदारी की वजह से है। रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिण कोरिया, ताइवान और अमेरिका जैसे बाजारों ने एआई और सेमीकंडक्टर कंपनियों के दम पर शानदार बढ़त हासिल की, जबकि भारत इस रैली में ज्यादा शामिल नहीं हो सका।
रिपोर्ट में बताया गया कि 2026 में दक्षिण कोरिया का बाजार डॉलर के हिसाब से 53 प्रतिशत चढ़ा, जबकि ताइवान में 33 प्रतिशत और ब्राजील में 28 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। वहीं भारत का निफ्टी इसी अवधि में 13 प्रतिशत गिरा।
ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि भारत में एआई हार्डवेयर और चिप सेक्टर की मौजूदगी सीमित है, इसलिए वैश्विक एआई उछाल का पूरा फायदा भारतीय बाजार को नहीं मिला। हालांकि आईटी सेक्टर को अलग कर देखें तो भारतीय बाजार का प्रदर्शन काफी मजबूत दिखाई देता है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि यदि वैश्विक एआई रैली धीमी पड़ती है, तो विदेशी निवेशकों का रुख भारत जैसे मजबूत घरेलू विकास वाले बाजारों की ओर हो सकता है। घरेलू निवेशकों ने लगातार निवेश जारी रखा है, जबकि विदेशी निवेशकों की बिकवाली बनी हुई है।
इसके अलावा रिपोर्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण रक्षा कंपनियों के शेयरों में तेजी का भी जिक्र किया गया है। साथ ही कच्चे तेल की ऊंची कीमतों को वैश्विक बाजार और अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय बताया गया है।