नई दिल्ली
जेफ़रीज़ की एक रिपोर्ट के अनुसार, घरेलू होटल उद्योग में तीसरी तिमाही के दौरान 'प्रति उपलब्ध कमरे से राजस्व' (RevPAR) की वृद्धि दर धीमी हो सकती है, क्योंकि आधार (बेस) सामान्य हो रहा है। हालांकि, 2027 में शादियों की बड़ी संख्या से मांग को समर्थन मिलने और अगले वित्तीय वर्ष तक अच्छी वृद्धि बनी रहने की उम्मीद है। ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि सितंबर में उद्योग की गति मजबूत बनी रही, जिसे कमरों के ऊंचे किराए, घरेलू यात्रा की मजबूत मांग और MICE (मीटिंग, इंसेंटिव, कॉन्फ्रेंस और प्रदर्शनी) गतिविधियों से समर्थन मिला। हालांकि, पिछले साल के आंकड़ों से तुलना करने पर वृद्धि की रफ्तार थोड़ी धीमी हो सकती है।
जेफ़रीज़ ने बुधवार को अपनी रिपोर्ट में कहा, "तीसरी तिमाही में आधार (बेस) के सामान्य होने से वृद्धि मौजूदा उच्च स्तर से थोड़ी धीमी हो सकती है, लेकिन 2027 में शादियों की बड़ी संख्या से वित्तीय वर्ष 2028 के रुझानों को समर्थन मिलना चाहिए।" रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर 2026 में भारत के होटल उद्योग के RevPAR में साल-दर-साल 19 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि वित्तीय वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में यह वृद्धि 18 प्रतिशत थी। पहली तिमाही में यह वृद्धि 16 प्रतिशत थी, और वित्तीय वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में 7-8 प्रतिशत रही थी।
सितंबर में होटलों के प्रदर्शन में सुधार का मुख्य कारण कमरों के औसत दैनिक किराए में साल-दर-साल लगभग 13 प्रतिशत की वृद्धि और ऑक्यूपेंसी (कमरों की बुकिंग) में लगभग 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी रही। घरेलू यात्रा और MICE गतिविधियों में मजबूती के साथ-साथ विदेशी पर्यटकों के आगमन में धीरे-धीरे हो रहे सुधार ने भी उद्योग के प्रदर्शन को सहारा दिया। ब्रोकरेज ने कहा, "तीसरी तिमाही में आधार (बेस) में सुधार के साथ वृद्धि दर सामान्य हो सकती है, लेकिन 2027 में शादियों की बड़ी संख्या वित्तीय वर्ष 2028 तक RevPAR के अच्छे रुझानों को बनाए रखने में मदद कर सकती है।"
सितंबर में प्रमुख आयोजनों से आई मांग ने भी होटलों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने में मदद की। ब्रिक्स (BRICS), ग्लोबल फिनटेक फेस्ट और सेमीकॉन इंडिया जैसे व्यस्त कार्यक्रमों ने MICE गतिविधियों को बढ़ावा दिया, जिससे विशेष रूप से दिल्ली और मुंबई में ऑक्यूपेंसी और कमरों के किराए में सुधार हुआ।
विभिन्न घरेलू बाजारों में प्रदर्शन अलग-अलग रहा; दिल्ली में RevPAR में साल-दर-साल 37 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि राजस्थान में 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई। मुंबई और हैदराबाद में लगभग 19-20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि बेंगलुरु में 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई। मई-अगस्त की मजबूत अवधि के बाद, गोवा की वृद्धि दर धीमी होकर 3 प्रतिशत रह गई।
जेफरीज ने कहा कि वह इस सेक्टर को लेकर सकारात्मक है, साथ ही यह भी कहा कि आने वाली तिमाही में वृद्धि का सामान्य स्तर पर आना एक महत्वपूर्ण पहलू होगा, जिस पर नजर रखनी होगी। वित्त वर्ष 2028 (FY28) के लिए आउटलुक काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि क्या यात्रा की लगातार मांग और शादियों का सीजन, तुलना के लिए ऊंचे आधार (higher comparison base) के असर की भरपाई कर पाते हैं या नहीं।