Eco-friendly offices become new corporate preference; green leasing to cross 80% in 2026: Report
नई दिल्ली
कोलियर्स इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में कंपनियां अब पर्यावरण के अनुकूल (इको-फ्रेंडली) ऑफिस स्पेस को प्राथमिकता दे रही हैं। देश के सात प्रमुख शहरों में कुल ऑफिस लीजिंग (किराए पर जगह लेने) में इनका हिस्सा 2026 तक 80 प्रतिशत से अधिक होने की उम्मीद है, क्योंकि व्यवसाय अब सस्टेनेबिलिटी (स्थिरता) और ऊर्जा दक्षता पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि 2026 में सस्टेनेबल ऑफिस बिल्डिंग्स में लीजिंग 60-65 मिलियन वर्ग फुट तक पहुंचने का अनुमान है, जो कुल ऑफिस लीजिंग का 80-85 प्रतिशत होगा। 2023 में यह हिस्सा 74 प्रतिशत था और 2025 में बढ़कर 76 प्रतिशत हो गया, जो मान्यता प्राप्त सस्टेनेबिलिटी सर्टिफिकेशन वाली इमारतों के प्रति बढ़ती प्राथमिकता को दर्शाता है।
ये ऑफिस बिल्डिंग्स LEED, IGBC और GRIHA जैसे फ्रेमवर्क के तहत प्रमाणित होती हैं। इन्हें इस तरह से डिज़ाइन किया जाता है कि संसाधनों का बेहतर उपयोग हो, पर्यावरण पर पड़ने वाला प्रभाव कम हो और काम करने की जगह (वर्कप्लेस) की गुणवत्ता बेहतर हो। LEED (लीडरशिप इन एनर्जी एंड एनवायर्नमेंटल डिज़ाइन), IGBC (इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल) और GRIHA (ग्रीन रेटिंग फॉर इंटीग्रेटेड हैबिटेट असेसमेंट) मान्यता प्राप्त ग्रीन बिल्डिंग सर्टिफिकेशन सिस्टम हैं। ये प्रणालियां ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण, संसाधनों के उपयोग और पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव जैसे पैमानों पर इमारतों का मूल्यांकन करती हैं, और सस्टेनेबल निर्माण व संचालन को बढ़ावा देती हैं।
रिपोर्ट का अनुमान है कि 2026 में नई ऑफिस सप्लाई में सस्टेनेबल बिल्डिंग्स का हिस्सा 75-80 प्रतिशत होगा, जो 45-50 मिलियन वर्ग फुट के बराबर है। अगले दो से तीन वर्षों में, ऐसी इमारतों का कुल स्टॉक 600-650 मिलियन वर्ग फुट से बढ़कर लगभग 800 मिलियन वर्ग फुट तक पहुंच सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, 2023-2026 के दौरान, कुल ऑफिस स्पेस की मांग का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा ऐसी ही इमारतों में केंद्रित रहने की उम्मीद है। देश के सात प्रमुख ऑफिस बाजारों में, इस अवधि के दौरान कुल लगभग 275 मिलियन वर्ग फुट की लीजिंग में से, सस्टेनेबल संपत्तियों में लीजिंग लगभग 210 मिलियन वर्ग फुट रहने का अनुमान है। शहरों की बात करें तो, सस्टेनेबल (पर्यावरण के अनुकूल) ऑफिस बिल्डिंग्स को लीज पर लेने के मामले में बेंगलुरु सबसे आगे है। 2023-2026 के दौरान यहाँ 59 मिलियन वर्ग फुट जगह लीज पर ली गई, जो शीर्ष सात बाजारों में कुल लीजिंग का 28 प्रतिशत है।
दिल्ली NCR में ऐसी प्रॉपर्टीज की मांग सबसे ज्यादा रही है, जहाँ कुल ऑफिस लीजिंग का 85-90 प्रतिशत हिस्सा सस्टेनेबल बिल्डिंग्स में है। इसके बाद हैदराबाद का नंबर आता है, जिसकी हिस्सेदारी 80-85 प्रतिशत है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इस ट्रेंड को बढ़ावा देने में टेक्नोलॉजी कंपनियों का सबसे बड़ा हाथ है; सस्टेनेबल ऑफिस बिल्डिंग्स में कुल लीजिंग का 30-35 प्रतिशत हिस्सा इन्हीं कंपनियों का है। इसमें यह भी कहा गया है कि टेक्नोलॉजी सेक्टर की लगभग 80 प्रतिशत कंपनियां ऐसी प्रॉपर्टीज को प्राथमिकता देती हैं, जिनके पास LEED और GRIHA जैसे सर्टिफिकेशन हों।
BFSI (बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा) तथा इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां भी इसमें बड़ी हिस्सेदार हैं। सस्टेनेबल प्रॉपर्टीज में कुल लीजिंग का क्रमशः 20-25 प्रतिशत और 15-20 प्रतिशत हिस्सा इन्हीं कंपनियों का है।