ऑटो बिक्री में 18.2% की उछाल, दूसरी तिमाही में रिकॉर्ड 83.88 लाख यूनिट बिकीं

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 15-10-2026
Auto sales rise 18.2 pc to 83.88 lakh units in Q2, all vehicle segments post record sales: SIAM
Auto sales rise 18.2 pc to 83.88 lakh units in Q2, all vehicle segments post record sales: SIAM

 

नई दिल्ली
 
सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के अनुसार, जुलाई-सितंबर 2026 में प्रमुख वाहन श्रेणियों में घरेलू ऑटोमोबाइल बिक्री सालाना आधार पर 18.2 प्रतिशत बढ़कर 83.88 लाख यूनिट हो गई। इस दौरान पैसेंजर वाहनों, दोपहिया वाहनों, तिपहिया वाहनों और कमर्शियल वाहनों - सभी ने अपनी दूसरी तिमाही (Q2) में अब तक की सबसे अधिक बिक्री दर्ज की।
 
SIAM ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में पैसेंजर वाहनों की बिक्री 30.7 प्रतिशत बढ़कर 13.61 लाख यूनिट हो गई, जबकि दोपहिया वाहनों की बिक्री 15.2 प्रतिशत बढ़कर 64.33 लाख यूनिट रही। तिपहिया वाहनों की बिक्री 23.6 प्रतिशत बढ़कर 2.85 लाख यूनिट और कमर्शियल वाहनों की बिक्री 28.7 प्रतिशत बढ़कर 3.09 लाख यूनिट हो गई। SIAM के महानिदेशक राजेश मेनन ने कहा, "वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (Q2) में पैसेंजर वाहनों, कमर्शियल वाहनों, तिपहिया वाहनों और दोपहिया वाहनों सहित सभी श्रेणियों में अब तक की सबसे अधिक दूसरी तिमाही बिक्री दर्ज की गई है।"
 
इस इंडस्ट्री बॉडी ने इस शानदार प्रदर्शन का श्रेय कई कारकों को दिया है, जिनमें GST 2.0 के बाद वाहनों का अधिक किफायती होना, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मजबूत मांग, माल ढुलाई (फ्रेट मूवमेंट) में तेजी, बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) से जुड़ी आर्थिक गतिविधियां और विभिन्न वाहन श्रेणियों में वाहनों को बदलने (रिप्लेसमेंट) का चक्र शामिल है। पैसेंजर वाहनों की श्रेणी में, यूटिलिटी वाहनों का दबदबा रहा, जिनकी कुल बिक्री में 68 प्रतिशत हिस्सेदारी रही। यूटिलिटी वाहनों की बिक्री सालाना आधार पर 34.2 प्रतिशत बढ़ी, जबकि इसी तिमाही के दौरान पैसेंजर कारों की बिक्री में 24.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
 
दोपहिया वाहनों की श्रेणी में स्कूटरों की बिक्री सबसे अधिक 27.7 प्रतिशत बढ़ी, जबकि मोटरसाइकिलों की बिक्री में 7.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। कई श्रेणियों में निर्यात (एक्सपोर्ट) में भी बढ़ोतरी देखी गई। दोपहिया वाहनों का निर्यात 27.7 प्रतिशत बढ़कर 16.5 लाख यूनिट हो गया, जो दूसरी तिमाही के लिए अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। तीन-पहिया वाहनों का निर्यात 30.4 प्रतिशत बढ़कर 1.6 लाख यूनिट हो गया, जबकि कमर्शियल वाहनों का निर्यात 72.5 प्रतिशत बढ़कर 41,000 यूनिट से अधिक हो गया।
SIAM के अनुसार, पैसेंजर वाहनों के निर्यात में 5.2 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 2.29 लाख यूनिट रह गया। इसका मुख्य कारण पिछले साल का ऊंचा आधार (higher base) और पश्चिम एशिया संकट से जुड़ी लॉजिस्टिक्स संबंधी दिक्कतें थीं।
 
SIAM को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही में भी उद्योग में सकारात्मक वृद्धि बनी रहेगी। इसके पीछे त्योहारी सीजन, नए वाहनों की लॉन्चिंग, बुनियादी ढांचे पर खर्च, पुराने वाहनों को बदलने (fleet replacement) और 'लास्ट-माइल मोबिलिटी' (अंतिम छोर तक आवागमन) की मांग जैसे कारक मददगार होंगे। SIAM के अध्यक्ष शेनू अग्रवाल ने कहा, "उद्योग को त्योहारी सीजन से गति जारी रहने की उम्मीद है, लेकिन मौजूदा भू-आर्थिक अनिश्चितताओं को देखते हुए हम सतर्कता के साथ आशावादी बने हुए हैं।"
 
उद्योग निकाय ने चेतावनी दी है कि उच्च महंगाई, ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी और भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं मांग को प्रभावित कर सकती हैं। साथ ही, पिछले साल के ऊंचे आधार (higher base) की वजह से विकास दर में कुछ नरमी आ सकती है।