नागपुर के Asheer Akhtar ने ISL में छुआ 50 मैचों का आंकड़ा

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 26-04-2026
Nagpur's Asheer Akhtar reaches the 50-match milestone in the ISL.AI photo
Nagpur's Asheer Akhtar reaches the 50-match milestone in the ISL.AI photo

 

गुलाम कादिर /नागपुर

भारत में इन दिनों आईपीएल 2026 की दीवानगी सिर चढ़कर बोल रही है। हर तरफ चौकों और छक्कों की चर्चा है। लेकिन इस क्रिकेटिया शोर के बीच फुटबॉल के मैदान से एक ऐसी खबर आई है जो हर हिंदुस्तानी का सीना गर्व से चौड़ा कर देती है। यह कहानी है महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र की राजधानी नागपुर के एक साधारण परिवार से निकले जांबाज फुटबॉलर अशीर अख्तर की। अशीर ने इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) में अपने 50मैच पूरे कर लिए हैं। यह मुकाम हासिल करना किसी भी पेशेवर फुटबॉलर के लिए एक बड़े सपने के सच होने जैसा है।

नागपुर का कामठी इलाका फुटबॉल के प्रति अपने जुनून के लिए मशहूर है। इसी मिट्टी में पले-बढ़े अशीर अख्तर ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से साबित कर दिया कि अगर इरादे बुलंद हों तो मंजिल तक पहुंचने से कोई नहीं रोक सकता। अशीर वर्तमान में नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी के लिए खेल रहे हैं।

हाल ही में उन्होंने आईएसएल में अपना 50वां मैच खेला। इस उपलब्धि के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। उनके फैंस और फुटबॉल प्रेमी इसे निरंतरता और समर्पण की एक बेमिसाल मिसाल बता रहे हैं।

अशीर के सफर की शुरुआत बहुत आसान नहीं थी। एक मामूली परिवार से निकलकर देश की सबसे बड़ी फुटबॉल लीग तक पहुंचना उनकी रगों में दौड़ते जुनून को दर्शाता है। 14दिसंबर 1994को जन्मे 31वर्षीय अशीर आज रक्षापंक्ति (डिफेंस) के एक भरोसेमंद स्तंभ बन चुके हैं।

मैदान पर उनके शानदार टैकल और खेल को समझने की उनकी काबिलियत ने उन्हें टीम का एक अनिवार्य हिस्सा बना दिया है। वह मुख्य रूप से सेंटर-बैक के रूप में खेलते हैं। जरूरत पड़ने पर वह राइट-बैक और लेफ्ट-बैक की जिम्मेदारी भी बखूबी निभाते हैं।

अशीर ने अपनी इस खुशी को अपने प्रशंसकों के साथ साझा किया। उनके फैन पेज पर पोस्ट की गई एक भावुक पोस्ट में उनके सफर की सराहना की गई। पोस्ट में लिखा गया कि अशीर ने नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी के साथ आईएसएल में अपने 50 मैच पूरे कर लिए हैं। यह महज एक संख्या नहीं है बल्कि उनके वर्षों के पसीने और मैदान पर बिताए हजारों मिनटों का हिसाब है। फैंस ने उनके लिए और भी कई 'क्लीन शीट' और बेहतरीन प्रदर्शन की दुआएं मांगी हैं।

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अशीर अख्तर के आंकड़ों पर नजर डालें तो उनकी उपयोगिता साफ समझ आती है। इस सीजन में उन्होंने नॉर्थईस्ट यूनाइटेड के लिए कई महत्वपूर्ण मैचों में कप्तानी भी की है। 24अप्रैल 2026को गोवा के खिलाफ हुए मैच में उन्होंने पूरे 90 मिनट मैदान पर बिताए। भले ही उनकी टीम वह मैच हार गई लेकिन अशीर के प्रदर्शन की हर तरफ तारीफ हुई। इसी तरह मोहन बागान के खिलाफ मैच में भी उन्होंने 90मिनट तक कड़ी चुनौती पेश की और 7.3की शानदार रेटिंग हासिल की।

अशीर का फुटबॉल करियर काफी विविधतापूर्ण रहा है। उन्होंने केवल नॉर्थईस्ट यूनाइटेड ही नहीं बल्कि देश के कई नामचीन क्लबों का प्रतिनिधित्व किया है। उनके करियर ग्राफ में बेंगलुरु एफसी, ईस्ट बंगाल, मोहम्मडन एससी और श्रीनिधि डेक्कन जैसे क्लबों के नाम शामिल हैं। उनके नाम दो प्रतिष्ठित खिताब भी दर्ज हैं। उन्होंने बेंगलुरु एफसी के साथ 2018-19में इंडियन सुपर लीग का खिताब जीता था। साथ ही वह 2018में एआईएफएफ सुपर कप जीतने वाली टीम का भी हिस्सा रहे थे।

मैदान पर अशीर की उपस्थिति विपक्षी स्ट्राइकर्स के लिए हमेशा सिरदर्द बनी रहती है। उनके करियर के आंकड़े बताते हैं कि उन्होंने अब तक 96मैच सेंटर-बैक के तौर पर खेले हैं। इसके अलावा 20मैच राइट-बैक और 4मैच लेफ्ट-बैक के रूप में खेल चुके हैं। उनकी वर्सेटिलिटी यानी किसी भी पोजीशन पर ढल जाने की क्षमता उन्हें अन्य खिलाड़ियों से अलग बनाती है। वर्तमान में उनकी मार्केट वैल्यू करीब 1.6करोड़ रुपये आंकी गई है जो उनके बढ़ते कद का प्रमाण है।

अशीर की सफलता की कहानी उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो छोटे शहरों की गलियों में फुटबॉल का सपना देखते हैं। नागपुर जैसे शहर से निकलकर आईएसएल की चमक-धमक वाली दुनिया में अपनी जगह बनाना और वहां 50मैच खेल लेना कोई छोटी बात नहीं है। उन्होंने डूरंड कप और सुपर कप जैसे टूर्नामेंटों में भी अपनी छाप छोड़ी है। डूरंड कप के हालिया सीजन में उन्होंने शानदार गोल भी किया जो एक डिफेंडर के लिए बड़ी उपलब्धि है।

अशीर अख्तर का नॉर्थईस्ट यूनाइटेड के साथ अनुबंध 31 मई 2026 तक है। आने वाले समय में उनसे और भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। उनका अगला मुकाबला 2मई 2026 को इंटर काशी के खिलाफ होने वाला है। उनके प्रशंसक उम्मीद कर रहे हैं कि वह अपनी फॉर्म को बरकरार रखेंगे और भारतीय फुटबॉल के नक्शे पर नागपुर का नाम और भी रोशन करेंगे।

सोशल मीडिया पर अशीर को लेकर जो चर्चा चल रही है वह बताती है कि अब भारतीय दर्शक केवल क्रिकेट तक सीमित नहीं हैं। वे फुटबॉल के इन गुमनाम नायकों की मेहनत को भी पहचान रहे हैं। अशीर की कहानी यह भी बताती है कि सफलता रातों-रात नहीं मिलती। 

इसके पीछे वर्षों का संघर्ष और हर मैच में खुद को साबित करने की चुनौती होती है। अशीर अख्तर ने अपनी मेहनत से जो मुकाम पाया है वह वास्तव में काबिले तारीफ है। उनके 50 मैचों का यह सफर तो बस एक शुरुआत है। आने वाले समय में वह और भी कई रिकॉर्ड ध्वस्त करेंगे। ऐसी उम्मीद पूरी खेल बिरादरी को है।