अनीसा नबी : जम्मू-कश्मीर में महिलाओं के लिए प्रेरणा और खेलों की पहचान

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 17-03-2026
Anisa Nabi: An Inspiration for Women and the Face of Sports in Jammu & Kashmir
Anisa Nabi: An Inspiration for Women and the Face of Sports in Jammu & Kashmir

 

एहसान फाज़ली | श्रीनगर

जम्मू-कश्मीर की सिविल सेवा अधिकारी अनीसा नबी का नाम न केवल प्रशासनिक दक्षता के लिए बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के उनके प्रयासों के लिए भी जाना जाता है। उनके जीवन की कहानी प्रशासनिक जिम्मेदारी और व्यक्तिगत फिटनेस के प्रति जुनून के अद्भुत संगम की मिसाल है। 2012में जम्मू-कश्मीर सिविल सेवा (JKAS) परीक्षा में तीसरा स्थान हासिल करने के बाद अनीसा ने अपने प्रशासनिक करियर में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया और वर्तमान में वह युवा सेवा एवं खेल विभाग के अंतर्गत जम्मू-कश्मीर खेल परिषद में मुख्य खेल अधिकारी (Chief Sports Officer) के रूप में तैनात हैं।

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अनीसा नबी का प्रशासन और फिटनेस के प्रति समर्पण उनके व्यक्तित्व का सबसे बड़ा आकर्षण है। उन्होंने हमेशा अपने प्रशासनिक करियर को एथलेटिक्स और फिटनेस के साथ जोड़ने की कोशिश की है। एक एथलीट के रूप में उन्होंने राज्य और राष्ट्रीय स्तर की दौड़ में भाग लिया है, जहां 100 मीटर, 200 मीटर और 800मीटर जैसी प्रतियोगिताओं में उन्होंने कई पदक जीते।

इसके साथ ही उन्होंने वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन, टाटा मुंबई मैराथन और दुबई मैराथन जैसी अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं में भी हिस्सा लिया और अपने फिटनेस जुनून को लगातार जारी रखा। अनीसा का मानना है कि फिटनेस सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानसिक संतुलन और आत्मविश्वास का भी स्त्रोत है।

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फिटनेस और स्वास्थ्य के प्रति उनकी इसी प्रतिबद्धता ने उन्हें महिलाओं और युवाओं के लिए प्रेरक भूमिका में खड़ा किया। उन्होंने “वंडरस वीमेन” नामक एक सामुदायिक पहल शुरू की, जो महिलाओं को फिटनेस, कल्याण और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक और प्रेरित करने के उद्देश्य से बनाई गई है।

इस पहल के माध्यम से अनीसा ने न केवल महिलाओं को खेल और फिटनेस की ओर आकर्षित किया बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसके अलावा, वह फिट इंडिया मूवमेंट की एंबेसडर के रूप में भी सक्रिय हैं। जम्मू-कश्मीर में 'पिकल बॉल' और 'पैडल टेनिस' जैसे रैकेट खेलों को बढ़ावा देने में अनीसा का योगदान उल्लेखनीय है, विशेषकर महिलाओं के लिए, जिन्हें उन्होंने खेलों की ट्रेनिंग देकर और उनके साथ खेलकर उत्साहित किया।

अनीसा नबी का प्रशासनिक करियर भी सामाजिक बदलाव और युवाओं के सशक्तिकरण से जुड़ा हुआ है। जीएसटी अधिकारी के रूप में उन्होंने नए कर सुधारों के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करने का कार्य किया, करदाताओं और कर विशेषज्ञों को प्रशिक्षण दिया और राजस्व संग्रह में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसके अलावा, उन्होंने जम्मू-कश्मीर ग्रामीण आजीविका मिशन (JKRLM) में राज्य परियोजना प्रबंधक के रूप में महिलाओं को कौशल विकास और बाजार तक पहुंच प्रदान कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया।

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मुख्य खेल अधिकारी के रूप में अनीसा ने युवाओं को नशे और अन्य नकारात्मक आदतों से दूर रखने के लिए खेलों की शक्ति का उपयोग किया है। वह खेलों के माध्यम से युवा वर्ग को सकारात्मक दिशा में प्रेरित करती हैं और उन्हें खेल गतिविधियों के लाभों से अवगत कराती हैं। केंद्र शासित प्रदेश, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न खेल आयोजनों का आयोजन करना और खेलो इंडिया कार्यक्रम की नोडल अधिकारी के रूप में जम्मू-कश्मीर में खेलो इंडिया केंद्रों के संचालन की देखरेख करना उनकी जिम्मेदारियों में शामिल है।

अनीसा नबी के जीवन की प्रेरणा उनके परिवार से भी जुड़ी है। उनके पिता गुलाम नबी सोफी, जो स्वयं वरिष्ठ JKAS अधिकारी रहे और 2010में रजिस्ट्रार कोऑपरेटिव्स के पद से सेवानिवृत्त हुए, ने उन्हें प्रशासनिक सेवा की ओर प्रेरित किया।

वहीं, उनके पति मुदस्सिर नबी शेख, जो व्यवसायी और मैराथन धावक हैं, ने उन्हें फिटनेस और एथलेटिक्स के प्रति उत्साहित किया। अनीसा ने बताया कि जब उन्होंने माँ बनने के बाद अपनी निजी नौकरी छोड़ दी थी और सिविल सेवा की तैयारी के लिए खुद को तैयार कर रही थीं, तब उनके पति ने उन्हें लगातार प्रोत्साहित किया। उनके पति ने न केवल उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया बल्कि 2021में वंडरस वीमेन कम्युनिटी शुरू करने के लिए भी प्रेरित किया।

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अनीसा का यह भी मानना है कि महिलाओं के लिए समय पर समर्थन और विश्वास किसी भी कठिनाई को पार करने की कुंजी है। उन्होंने युवाओं के साथ जुड़ाव के लिए सोशल मीडिया और पॉडकास्ट का भी सहारा लिया है, जिससे वे उन्हें सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी, फिटनेस और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति मार्गदर्शन देती हैं। अनीसा का कहना है कि आज के समय में जहां युवा नशे की ओर जा रहे हैं और महिलाएं कई भूमिकाओं के चलते तनाव और अवसाद का सामना कर रही हैं, वहां समाज से मिलने वाला समर्थन और सम्मान ही उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है।

अनीसा नबी की शिक्षा और पृष्ठभूमि भी उनके व्यक्तित्व की ताकत को दर्शाती है। श्रीनगर में जन्मी और पली-बढ़ी अनीसा ने अपनी स्कूली शिक्षा प्रेजेंटेशन कॉन्वेंट और मैलिन्सन गर्ल्स स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने जम्मू विश्वविद्यालय से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बी.टेक और श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय (SMVDU), कटरा से HR और मार्केटिंग में MBA किया। 2008में शादी और एक बेटी के जन्म के बाद उन्होंने 2010में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की और 2012में औपचारिक रूप से प्रशासनिक सेवा में शामिल हुईं।

अनीसा नबी की कहानी प्रशासनिक सफलता, खेल और फिटनेस के प्रति जुनून, सामाजिक बदलाव और परिवार के सहयोग का अद्भुत मिश्रण है। वह साबित करती हैं कि अगर सही मार्गदर्शन, आत्मविश्वास और लगन हो तो महिलाएं किसी भी उम्र और परिस्थिति में अपने सपनों को साकार कर सकती हैं। उनका जीवन न केवल महिलाओं के लिए प्रेरणा है, बल्कि युवाओं और समाज के लिए भी एक मिसाल है कि कैसे प्रशासनिक कर्तव्य और व्यक्तिगत जुनून को संतुलित करके सामाजिक बदलाव लाया जा सकता है।

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अनीसा नबी सिर्फ एक अधिकारी नहीं हैं; वह एक प्रेरक, मेंटर, एथलीट और समाज सेविका हैं, जिन्होंने साबित कर दिया कि इच्छाशक्ति और समर्पण से कोई भी बाधा पार की जा सकती है। उनके प्रयासों ने जम्मू-कश्मीर में न केवल फिटनेस और खेलों की संस्कृति को बढ़ावा दिया है, बल्कि महिलाओं और युवाओं को सशक्त बनाने और नकारात्मक प्रभावों से दूर रखने में भी अहम भूमिका निभाई है। उनके जीवन और कार्यों की कहानी एक सशक्त और स्वस्थ समाज की ओर बढ़ते कदमों का प्रतीक है।