पूर्वाग्रहों को तोड़ती उड़ान: मोदी सरकार की मंजूरी के साथ अल हिंद एयर

Story by  मलिक असगर हाशमी | Published by  [email protected] | Date 30-12-2025
A flight that breaks stereotypes: Al Hind Air with approval from the Modi government.
A flight that breaks stereotypes: Al Hind Air with approval from the Modi government.

 

मलिक असगर हाशमी / नई दिल्ली  

नई दिल्ली से लेकर केरल तक इन दिनों नागरिक उड्डयन जगत में एक ऐसी खबर ने हलचल पैदा की है, जिसने न सिर्फ एविएशन सेक्टर का ध्यान खींचा है बल्कि देश के मुसलमानों के बीच भी इसे एक ऐतिहासिक और प्रतीकात्मक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। हाल ही में इंडिगो एयरलाइंस के ऑपरेशंस में आई अव्यवस्था और यात्रियों को हुई भारी परेशानियों के बीच केंद्र सरकार ने घरेलू विमानन क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के उद्देश्य से दो नई क्षेत्रीय एयरलाइनों को शुरुआती मंजूरी दी है।

इन्हीं में से एक नाम है अल हिंद एयर, जिसे केरल स्थित अलहिंद ग्रुप ऑफ कंपनीज प्रमोट कर रहा है। खास बात यह है कि यह एयरलाइन एक भारतीय मुस्लिम उद्यमी, मोहम्मद हारिस टी, के नेतृत्व में शुरू होने जा रही है, जिसे देश में मुसलमानों की उद्यमशील क्षमता और आर्थिक भागीदारी के लिहाज से एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

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पिछले कुछ समय से देश का घरेलू एविएशन बाजार लगभग डुओपॉली की तरह काम कर रहा है, जहां इंडिगो का करीब 65 प्रतिशत और एयर इंडिया का लगभग 27 प्रतिशत मार्केट शेयर है। स्पाइसजेट और अकासा जैसी छोटी एयरलाइंस बाकी हिस्से में काम कर रही हैं। ऐसे में इंडिगो के हालिया ऑपरेशनल संकट के बाद सरकार पर यह दबाव बढ़ा कि यात्रियों के हित में विकल्प बढ़ाए जाएं और प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित किया जाए।

इसी क्रम में नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने क्षेत्रीय एयरलाइंस शंख एयर, अल हिंद एयर और फ्लाईएक्सप्रेस को ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ (NOC) जारी किया है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि मंत्रालय नए खिलाड़ियों के साथ सक्रिय रूप से काम कर रहा है ताकि घरेलू उड़ानों में भरोसा, स्थिरता और विकल्प बढ़ सकें।

अल हिंद एयर का महत्व सिर्फ एक नई एयरलाइन के रूप में नहीं है, बल्कि इसलिए भी है कि यह एक ऐसे समय में सामने आ रही है जब देश में एक वर्ग के भीतर यह धारणा मजबूत करने की कोशिशें होती रही हैं कि मौजूदा राजनीतिक माहौल में मुसलमानों के लिए आगे बढ़ने के रास्ते सीमित हो रहे हैं।

Image Credit : design36/Shutterstock.com

ऐसे माहौल में किसी भारतीय मुस्लिम कारोबारी द्वारा एयरलाइन जैसे पूंजी-प्रधान और अत्यधिक रेगुलेटेड सेक्टर में कदम रखना, और वह भी केंद्र सरकार की अनुमति के साथ, कई पूर्वाग्रहों को तोड़ने वाला घटनाक्रम माना जा रहा है। यह संदेश भी जाता है कि भारत में उद्यम, निवेश और नवाचार के अवसर धर्म के आधार पर नहीं, बल्कि क्षमता, अनुभव और नियमों के पालन पर निर्भर करते हैं।

अल हिंद एयर की योजना पहले चरण में दक्षिण भारत में क्षेत्रीय कम्यूटर एयरलाइन के रूप में अपनी सेवाएं शुरू करने की है। इसका ऑपरेशनल हब कोच्चि में होगा और एयरलाइन एटीआर 72-600 मॉडल के टर्बोप्रॉप विमानों के बेड़े के साथ उड़ान भरेगी।

ये विमान कम दूरी के रूट्स के लिए उपयुक्त माने जाते हैं और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं। एयरलाइन का फोकस कुशल, भरोसेमंद और समयबद्ध घरेलू हवाई यात्रा उपलब्ध कराने पर रहेगा। भविष्य में कंपनी की योजना अपनी सेवाओं को अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों तक विस्तारित करने की भी है, ताकि बढ़ती यात्री मांग को पूरा किया जा सके और एविएशन सेक्टर में एक भरोसेमंद ब्रांड के रूप में खुद को स्थापित किया जा सके।

अल हिंद एयर ने अपनी वेबसाइट पर जानकारी साझा करते हुए बताया है कि उसने कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के साथ सक्रिय सहयोग शुरू कर दिया है, ताकि ऑपरेशनल बेस का सेटअप सुचारू रूप से किया जा सके। एयरलाइन को एनओसी मिल चुका है और अब वह एयर ऑपरेटर सर्टिफिकेट (AOC) प्राप्त करने की प्रक्रिया में है।

यह पूरा कदम इस बात को दर्शाता है कि कंपनी सुरक्षा, रेगुलेटरी अनुपालन और ऑपरेशनल उत्कृष्टता के उच्चतम मानकों का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है। अल हिंद एयर का दावा है कि वह रीजनल हवाई यात्रा को नए सिरे से परिभाषित करना चाहती है, जहां विश्वसनीयता, दक्षता और ग्राहक संतुष्टि को केंद्र में रखा जाएगा।

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इस पूरी पहल के केंद्र में हैं मोहम्मद हारिस टी, जो केरल के कालीकट में जन्मे और अलहिंद ग्रुप ऑफ कंपनीज के प्रमोटर व चेयरमैन हैं। उनका कारोबारी सफर किसी एक रात की सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि तीन दशकों से अधिक के अनुभव, मेहनत और दूरदृष्टि का नतीजा है।

उन्होंने 1992 में अलहिंद टूर्स एंड ट्रैवल्स प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना की थी और शुरुआत भारत में ट्रैवल और टिकटिंग कारोबार से की। महज तीन साल बाद, 1995 में, उन्होंने मध्य पूर्व में अपने कारोबार का विस्तार किया। आज अलहिंद ग्रुप का नेटवर्क दुनिया के करीब सौ देशों तक फैला हुआ है और यह ट्रैवल, टूरिज्म, वीज़ा, होटल बुकिंग और फिनटेक जैसी कई सेवाएं प्रदान करता है।

dअलहिंद टूर्स एंड ट्रैवल को मध्य पूर्व और गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) क्षेत्र की सबसे बड़ी फुल-सर्विस ट्रैवल कंपनियों में गिना जाता है। कंपनी का बी2बी प्लेटफॉर्म 2014 में लॉन्च हुआ, जिसने होटल, फ्लाइट और वीज़ा बुकिंग जैसी सेवाओं को एक साथ उपलब्ध कराया।

2020 में धनहिंद यूटिलिटी प्राइवेट लिमिटेड की शुरुआत के साथ ग्रुप ने फिनटेक और डिजिटल सर्विसेज की दिशा में भी कदम बढ़ाया। इस पूरे सफर में मोहम्मद हारिस टी ने सिर्फ व्यवसायिक विस्तार ही नहीं किया, बल्कि इंडियन हज उमराह एसोसिएशन के फाउंडर जनरल सेक्रेटरी के रूप में सामुदायिक स्तर पर भी अहम भूमिका निभाई है।

उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी विविध है। उन्होंने बैचलर ऑफ आर्ट्स में इतिहास और अर्थशास्त्र की पढ़ाई की, साथ ही फार्माकोलॉजी में भी डिग्री हासिल की। ट्रैवल और टूरिज्म इंडस्ट्री में उनका गहरा अनुभव अब एविएशन सेक्टर में उतरने के फैसले में साफ झलकता है। जानकार मानते हैं कि ट्रैवल मैनेजमेंट, अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और ग्राहक जरूरतों की समझ अल हिंद एयर को शुरुआती दौर में मजबूती दे सकती है।

देश में मुसलमानों के लिए अल हिंद एयर का आगमन सिर्फ एक नई कंपनी की शुरुआत नहीं है, बल्कि यह एक मनोवैज्ञानिक और सामाजिक संदेश भी देता है। यह बताता है कि भारतीय मुसलमान न केवल पारंपरिक क्षेत्रों में, बल्कि अत्याधुनिक, तकनीकी और पूंजी-गहन उद्योगों में भी नेतृत्व करने की क्षमता रखते हैं।

ऐसे समय में जब पड़ोसी देशों में धार्मिक अल्पसंख्यकों पर अत्याचार की खबरें आती रहती हैं और देश के भीतर भी सामाजिक तनाव की चर्चाएं होती हैं, अल हिंद एयर जैसी पहल सकारात्मक सोच और समावेशी विकास का प्रतीक बनकर उभरती है।

अंततः, अल हिंद एयर का लॉन्च भारतीय एविएशन बाजार की बदलती जरूरतों को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे यात्रियों को अधिक विकल्प मिलेंगे, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी और प्रतिस्पर्धा बढ़ने से सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद की जा सकती है। साथ ही, यह भारतीय मुसलमानों के लिए आत्मविश्वास और प्रेरणा का स्रोत भी बनेगा कि मेहनत, अनुभव और सही दिशा में किए गए प्रयास किसी भी क्षेत्र में सफलता की राह खोल सकते हैं।