कंस्ट्रक्शन सेक्टर में बूम: जामिया मिल्लिया इस्लामिया का नया बीटेक देगा हाई-टेक करियर

Story by  मलिक असगर हाशमी | Published by  [email protected] | Date 02-03-2026
Construction sector booms: Jamia Millia Islamia's new BTech offers high-tech careers
Construction sector booms: Jamia Millia Islamia's new BTech offers high-tech careers

 

आवाज़ द वॉयस, नई दिल्ली

आज के दौर में अगर आप चारों तरफ नजर घुमाएं, तो हर तरफ बदलाव की एक बड़ी तस्वीर दिखेगी। नई सड़कें बन रही हैं, गगनचुंबी इमारतें खड़ी हो रही हैं और रेलवे से लेकर एयरपोर्ट तक का कायाकल्प हो रहा है। कंस्ट्रक्शन यानी निर्माण के इस क्षेत्र में आए जबरदस्त उछाल ने नौकरियों का एक बहुत बड़ा पिटारा खोल दिया है। लेकिन अब पुरानी तकनीक से काम नहीं चलने वाला। आज इंडस्ट्री को ऐसे पेशेवरों की जरूरत है जो आधुनिक मशीनों, डिजिटल टूल्स और मैनेजमेंट में माहिर हों।

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इसी जरूरत को समझते हुए देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने एक शानदार पहल की है। जामिया ने अपने इंजीनियरिंग विभाग में बीटेक सिविल इंजीनियरिंग (कंस्ट्रक्शन टेक्नोलॉजी) का नया प्रोग्राम शुरू किया है। यह उन युवाओं के लिए एक सुनहरा मौका है जो कंस्ट्रक्शन के क्षेत्र में एक बड़े पैकेज वाली नौकरी और बेहतरीन करियर का सपना देख रहे हैं।

क्यों खास है जामिया का यह नया प्रोग्राम?

आमतौर पर सिविल इंजीनियरिंग में पुरानी थ्योरी पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। लेकिन जामिया का यह नया बीटेक प्रोग्राम 'सेल्फ फाइनेंस स्कीम' (SFS) के तहत शुरू किया गया है। इसे खास तौर पर इंडस्ट्री की मौजूदा मांग को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

इस कोर्स की सबसे बड़ी खूबी इसका करिकुलम है। इसमें छात्रों को सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं दिया जाएगा। उन्हें मॉडर्न टूल्स जैसे BIM (बिल्डिंग इंफॉर्मेशन मॉडलिंग), GIS (जियोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम) और AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के इस्तेमाल की ट्रेनिंग दी जाएगी। आजकल बड़ी कंस्ट्रक्शन कंपनियों में इन्हीं तकनीकों के जरिए प्रोजेक्ट्स की प्लानिंग और डिजाइनिंग होती है। इसके अलावा छात्रों को लीडरशिप, प्रोजेक्ट डॉक्यूमेंटेशन, कॉन्ट्रैक्ट मैनेजमेंट और टीम वर्क जैसे हुनर भी सिखाए जाएंगे।

भविष्य की जरूरत: 20 लाख मैनेजरों की मांग

इस क्षेत्र में भविष्य कितना उज्ज्वल है, इसका अंदाजा आप नीति आयोग और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट से लगा सकते हैं। इन रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत को अगले 10 सालों में सड़क, रेलवे, आईटी और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों के लिए करीब 20 लाख कुशल प्रोजेक्ट मैनेजरों की जरूरत होगी।

भारत जिस रफ्तार से अपने इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश कर रहा है, उसे देखते हुए इंजीनियरों की मांग कभी कम नहीं होने वाली। खासकर उन इंजीनियरों की डिमांड सबसे ज्यादा रहेगी जिनके पास तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ प्रोजेक्ट मैनेजमेंट की भी समझ होगी। जामिया का यह कोर्स आपको ठीक इसी काबिल बनाता है। यह डिग्री सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी ऊंचे सैलरी पैकेज वाली नौकरियों के दरवाजे खोलती है।

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करियर के ढेरों विकल्प

इस कोर्स को पूरा करने के बाद आप किसी एक भूमिका तक सीमित नहीं रहेंगे। आपके सामने करियर के कई रास्ते होंगे:

  • कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट इंजीनियर: बड़े प्रोजेक्ट्स की देखरेख करना।

  • क्वांटिटी सर्वेयर: लागत और सामग्री का सटीक आकलन करना।

  • साइट और क्वालिटी मैनेजर: निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करना।

  • कंस्ट्रक्शन प्लानर: प्रोजेक्ट के समय और शेड्यूलिंग का प्रबंधन।

  • BIM/CAD स्पेशलिस्ट: डिजिटल डिजाइनिंग और मॉडलिंग में विशेषज्ञता।

  • सस्टेनेबिलिटी इंजीनियर: पर्यावरण के अनुकूल निर्माण पर काम करना।

  • अपना काम (Entrepreneur): आप खुद की कंसल्टेंसी या निर्माण कंपनी भी शुरू कर सकते हैं।

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जामिया मिल्लिया इस्लामिया का इंजीनियरिंग विभाग अपनी बेहतरीन फैकल्टी और रिसर्च के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। इस यूनिवर्सिटी को NAAC से A++ ग्रेड मिला हुआ है। यह एनआईआरएफ (NIRF) रैंकिंग और क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग में भी देश की टॉप यूनिवर्सिटीज में शुमार रहती है।

यहाँ के प्रोफेसरों के पास न केवल एकेडमिक अनुभव है, बल्कि उन्होंने बड़े प्रोजेक्ट्स पर कंसल्टेंसी का काम भी किया है। विभाग का सरकारी निकायों और बड़ी इंडस्ट्रीज के साथ गहरा जुड़ाव है। इसका सीधा फायदा छात्रों को इंटर्नशिप और प्लेसमेंट के दौरान मिलता है। यहाँ का माहौल इनोवेशन और नई सोच को बढ़ावा देने वाला है।

एडमिशन की प्रक्रिया क्या है?

अगर आप इस कोर्स में दाखिला लेना चाहते हैं, तो आपको कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना होगा। इस प्रोग्राम में एडमिशन JEE (Joint Entrance Examination) के जरिए ही होगा। लेकिन एक बात का खास ख्याल रखें। केवल जेईई की परीक्षा देना काफी नहीं है। आपको जामिया मिल्लिया इस्लामिया के अपने एडमिशन पोर्टल https://admission.jmi.ac.in/ पर जाकर अलग से आवेदन फॉर्म भरना होगा।

अक्सर छात्र यह गलती कर देते हैं कि वे सिर्फ जेईई का फॉर्म भरते हैं और जामिया के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन भूल जाते हैं। ऐसी स्थिति में आप एडमिशन की दौड़ से बाहर हो सकते हैं। इसलिए समय रहते जामिया की वेबसाइट चेक करें और अपना आवेदन पूरा करें।

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समय आपका है

कंस्ट्रक्शन के क्षेत्र में अब केवल फावड़ा और कंक्रीट का काम नहीं रह गया है। यह अब एक हाई-टेक इंडस्ट्री बन चुकी है। जामिया मिल्लिया इस्लामिया का यह नया बीटेक प्रोग्राम आपको इसी हाई-टेक दुनिया का हिस्सा बनने के लिए तैयार करता है। अगर आपमें कुछ नया बनाने का जज्बा है और आप देश के विकास में अपना योगदान देना चाहते हैं, तो यह कोर्स आपके लिए ही है।

याद रखिए, सही समय पर लिया गया सही फैसला ही भविष्य की नींव रखता है। जामिया के इस बेंचमार्क संस्थान से जुड़कर आप न केवल अपने लिए एक सुरक्षित भविष्य बनाएंगे, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी अपनी भूमिका निभाएंगे।