दुनिया का सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट: सिंगापुर नंबर-1, जानिए बांग्लादेश की नई रैंकिंग

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 17-02-2026
World's most powerful passport: Singapore number 1, know Bangladesh's new ranking
World's most powerful passport: Singapore number 1, know Bangladesh's new ranking

 

नई दिल्ली

वैश्विक नागरिकता और आव्रजन परामर्श कंपनी Henley & Partners ने दुनिया के सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट का ताज़ा सूचकांक जारी किया है। इस रैंकिंग में एक बार फिर Singapore का पासपोर्ट शीर्ष स्थान पर कायम है, जबकि Bangladesh ने दो पायदान की छलांग लगाते हुए अपनी स्थिति में सुधार दर्ज किया है।

नए सूचकांक के अनुसार, बांग्लादेश अब 95वें स्थान से ऊपर उठकर 93वें स्थान पर पहुंच गया है। यह सुधार भले मामूली दिखे, लेकिन वैश्विक पासपोर्ट प्रतिस्पर्धा में इसे सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक, बांग्लादेशी पासपोर्ट धारक 37 देशों में वीजा-मुक्त या आगमन पर वीजा (Visa on Arrival) की सुविधा के साथ यात्रा कर सकते हैं।

सूची में पहले स्थान पर सिंगापुर बना हुआ है, जिसके नागरिक दुनिया के सर्वाधिक देशों में बिना पूर्व वीजा के प्रवेश कर सकते हैं। दूसरे स्थान पर Japan और South Korea संयुक्त रूप से मौजूद हैं। तीसरे स्थान पर Sweden और United Arab Emirates का पासपोर्ट शामिल है।

मजबूत पासपोर्ट की दौड़ में यूरोपीय देशों का दबदबा साफ दिखाई देता है। चौथे स्थान पर बेल्जियम, डेनमार्क, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, आयरलैंड, इटली और लक्ज़मबर्ग जैसे देश हैं। पांचवें स्थान पर नीदरलैंड, नॉर्वे, स्पेन, स्विट्जरलैंड, ऑस्ट्रिया, ग्रीस, माल्टा और पुर्तगाल के पासपोर्ट शामिल हैं।

छठे स्थान पर हंगरी, मलेशिया, न्यूजीलैंड, पोलैंड, स्लोवाकिया और स्लोवेनिया के पासपोर्ट हैं, जबकि सातवें स्थान पर ऑस्ट्रेलिया, क्रोएशिया, चेक गणराज्य, एस्टोनिया, लातविया और यूनाइटेड किंगडम शामिल हैं।

यह सूचकांक इस आधार पर तैयार किया जाता है कि किसी देश के नागरिक अपने पासपोर्ट के जरिए कितने देशों में बिना वीजा या आगमन पर वीजा के साथ यात्रा कर सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, पासपोर्ट की ताकत न केवल वैश्विक गतिशीलता का प्रतीक है, बल्कि उस देश की कूटनीतिक ताकत और अंतरराष्ट्रीय संबंधों का भी संकेत देती है।

बांग्लादेश के लिए रैंकिंग में सुधार क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर बेहतर कूटनीतिक प्रयासों का परिणाम माना जा रहा है, हालांकि अभी भी उसे वैश्विक सूची में ऊंची छलांग लगाने के लिए लंबा सफर तय करना है।