Trade deal has become a tough test for the country due to PM's 'surrender': Congress
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कांग्रेस ने अमेरिका के साथ अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा और दावा किया कि यह समझौता एक कठिन परीक्षा की तरह बन गया है जिसका सामना देश को प्रधानमंत्री के आत्मसर्मपण के कारण करना पड़ रहा है।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने अमेरिकी उच्चतम न्यायालय के फैसले का हवाला देते हुए यह सवाल भी किया कि ऐसी क्या मजबूरी थी कि प्रधानमंत्री मोदी ने सुनिश्चित किया कि दो फरवरी 2026 की रात राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ही भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा करें?
रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘कल अमेरिका के उच्चतम न्यायालय द्वारा उनकी शुल्क नीति को खारिज किए जाने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी उनके बहुत अच्छे मित्र हैं, भारत-अमेरिका व्यापार समझौता घोषणा के अनुसार जारी रहेगा और उन्होंने 10 मई 2025 को भारतीय निर्यात पर शुल्क बढ़ाने की धमकी देकर व्यक्तिगत रूप से ऑपरेशन सिंदूर रुकवाया था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘दो फरवरी 2026 को राष्ट्रपति ट्रंप ने सबसे पहले घोषणा की थी कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम रूप ले चुकी है। उन्होंने यह भी कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रति मित्रता और सम्मान के चलते तथा उनके अनुरोध पर, तत्काल प्रभाव से हमने अमेरिका और भारत के बीच एक व्यापार समझौते पर सहमति जताई।’’
रमेश ने सवाल किया कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी थी कि प्रधानमंत्री मोदी ने सुनिश्चित किया कि दो फरवरी 2026 की रात राष्ट्रपति ट्रंप ही भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा करें?