ईरानी नेताओं की हत्या में शायद हमने कुछ ज्यादा ही कर दिया : ट्रंप

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 02-11-2026
We may have done too much in killing Iranian leaders: Trump
We may have done too much in killing Iranian leaders: Trump

 

वाशिंगटन।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के शीर्ष नेताओं की हत्या को लेकर एक अहम टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि ईरानी नेताओं को निशाना बनाने के मामले में अमेरिका ने शायद कुछ ज्यादा ही कर दिया। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब ईरान के साथ बातचीत जारी रहने के दौरान अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर संयुक्त हमले किए थे। इन हमलों में ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई समेत कई वरिष्ठ नेता और सैन्य कमांडर मारे गए थे।

अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने रविवार, 1 नवंबर को अमेरिका के आयोवा राज्य के डब्यूक में आयोजित एक सार्वजनिक रैली के दौरान यह टिप्पणी की।

ट्रंप ने अपने संबोधन में दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान की नौसेना और वायुसेना को भारी नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि ईरान के विमानरोधी रडार और सैन्य क्षमताओं को भी नष्ट किया गया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “अमेरिका ने उनकी नौसेना और वायुसेना को नष्ट कर दिया है। उनके विमानरोधी रडार तबाह कर दिए हैं और उनके नेताओं को मार गिराया है। लेकिन नेताओं के मामले में शायद हमने कुछ ज्यादा ही कर दिया। यह ऐसी बात है, जिसके बारे में कोई बात नहीं करता।”

ईरान पर हमले को ट्रंप ने ठहराया सही

ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का बचाव करते हुए दावा किया कि युद्ध की शुरुआत अमेरिका ने नहीं की, बल्कि ईरान ने पहले ही अमेरिका के खिलाफ युद्ध छेड़ रखा था। उन्होंने कहा कि उनका प्रशासन इस संघर्ष को खत्म करने की दिशा में काम कर रहा है।

ट्रंप ने रैली में कहा, “मैंने अपने देश को दुनिया के नंबर एक आतंकवाद प्रायोजक देश से बचाया है।”

उन्होंने 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से ईरान पर अमेरिका के खिलाफ हमले करने का आरोप लगाया। ट्रंप ने वर्ष 2000 में यमन के अदन बंदरगाह पर अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस कोल पर हुए हमले का भी जिक्र किया और इसके लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया।

हालांकि, यूएसएस कोल पर हुए हमले की जिम्मेदारी आतंकवादी संगठन अल कायदा ने ली थी। इस हमले में 17 अमेरिकी नौसैनिक मारे गए थे। ईरान को लेकर ट्रंप के इस दावे के संदर्भ में आरोप और स्थापित तथ्यों के बीच अंतर करना जरूरी है।

कासिम सुलेमानी की हत्या का भी किया जिक्र

अमेरिकी राष्ट्रपति ने इराक में सड़क किनारे बम विस्फोटों में अमेरिकी सैनिकों की मौत का आरोप भी ईरान पर लगाया। उन्होंने इन घटनाओं का संबंध ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की कुद्स फोर्स के पूर्व कमांडर कासिम सुलेमानी से जोड़ा।

ट्रंप ने सुलेमानी को “सड़क किनारे बम का जनक” बताते हुए उन पर अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया।गौरतलब है कि जनवरी 2020 में बगदाद में अमेरिकी ड्रोन हमले में कासिम सुलेमानी मारे गए थे। उस समय ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति थे। सुलेमानी की हत्या के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव काफी बढ़ गया था।

ट्रंप ने अपने भाषण में एक बार फिर दोहराया कि मौजूदा संघर्ष की शुरुआत ईरान ने की थी। उन्होंने कहा, “उन्होंने यह युद्ध शुरू किया। हमने इसे शुरू नहीं किया। हम इस युद्ध को समाप्त कर रहे हैं।”अमेरिकी राष्ट्रपति की इन टिप्पणियों से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को लेकर उनके रुख और क्षेत्र में जारी संघर्ष पर बहस फिर तेज होने की संभावना है।

स्रोत: अल जजीरा