दुबई।
यमन में सरकारी सेना और ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष एक बार फिर तेज हो गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार की सेनाओं ने तैज़ प्रांत में हूतियों के कब्जे वाले दो अहम इलाकों पर नियंत्रण हासिल करने का दावा किया है।
अल अरबिया की मंगलवार, 8 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक, तैज़ के अलग अलग मोर्चों पर सरकारी बलों और हूती लड़ाकों के बीच भीषण झड़पें हुई हैं। इसी दौरान सरकारी सेना ने पश्चिमी तैज़ के मुकाबाना जिले में अल खदाह मोर्चे पर स्थित नक़ील और जबल अल क़ुरा इलाकों पर कब्जा कर लिया।
यमनी सरकारी सेनाएं लंबे समय से राजधानी सना पर फिर से नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश कर रही हैं। हूतियों ने लंबे समय से राजधानी समेत देश के बड़े हिस्से पर अपना प्रभाव कायम कर रखा है। तैज़ का इलाका रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है और यहां नियंत्रण को लेकर दोनों पक्षों के बीच लगातार संघर्ष होता रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, हूती लड़ाके तैज़ से आगे बढ़कर लाल सागर के तट पर स्थित बंदरगाह शहर मोखा की ओर जाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके जवाब में सऊदी अरब सरकारी यमनी बलों के समर्थन में सक्रिय है।
हूती लड़ाकों की संभावित बढ़त को रोकने के लिए सऊदी अरब ने अल वाज़ियाह इलाके में भारी हवाई हमले किए हैं। इससे क्षेत्र में संघर्ष और बढ़ गया है।
मोखा बंदरगाह पर नियंत्रण हूतियों के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है। इसके अलावा लाल सागर और बाब अल मंदेब जलडमरूमध्य से जुड़ी गतिविधियों पर प्रभाव बढ़ाना भी संघर्ष में शामिल पक्षों के लिए अहम माना जाता है।
अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब ने हूतियों के नियंत्रण वाले यमन के कुछ इलाकों की ओर जाने वाले समुद्री मार्गों पर नाकाबंदी की है। इसके जवाब में हूतियों की ओर से सऊदी जहाजों के खिलाफ भी नाकाबंदी की मांग उठाई गई है।
हूती पक्ष चाहता है कि सऊदी जहाजों को बाब अल मंदेब जलडमरूमध्य के रास्ते लाल सागर में प्रवेश करने या वहां से बाहर निकलने से रोका जाए। यदि ऐसा होता है तो लाल सागर और बाब अल मंदेब क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है।
बाब अल मंदेब जलडमरूमध्य दुनिया के महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है। यह लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है। इसलिए इस क्षेत्र में किसी भी तरह की सैन्य नाकाबंदी या संघर्ष का असर क्षेत्रीय सुरक्षा के साथ अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार पर भी पड़ सकता है।
हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच तनाव केवल यमन तक सीमित नहीं रहा है। हूतियों ने सऊदी अरब के भीतर भी कई बार हमले किए हैं। इनमें सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी Saudi Aramco के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने वाले हमले भी शामिल रहे हैं।
रियाद के मुताबिक, ऐसे हमलों में 70 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों में बड़ी संख्या आम नागरिकों की बताई गई है।
यमन में जारी संघर्ष के बीच तैज़ में सरकारी सेना की हालिया कार्रवाई को महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच संघर्ष जारी रहने के कारण इलाके की स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है।
स्रोत: अल अरबिया, अल जजीरा