ईरान में उग्र सरकार विरोधी प्रदर्शन, तेहरान की मस्जिद में आग; क्रांति-पूर्व झंडे लहराए गए

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 10-01-2026
Violent anti-government protests erupt in Iran, mosque set on fire in Tehran; pre-revolution flags waved.
Violent anti-government protests erupt in Iran, mosque set on fire in Tehran; pre-revolution flags waved.

 

वॉशिंगटन

ईरान में लगातार दो रातों से जारी तीव्र सरकार विरोधी प्रदर्शनों ने राजधानी तेहरान सहित कई प्रमुख शहरों को हिला कर रख दिया है। हालात इतने बिगड़ गए कि तेहरान की एक मस्जिद में प्रदर्शनकारियों ने आग लगा दी और 1979 की इस्लामी क्रांति से पहले के झंडे फहराए। इन घटनाओं ने देश में बढ़ते असंतोष और राजनीतिक तनाव को और गहरा कर दिया है।

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, 60 वर्षीय लादान नामक महिला ने बताया कि वह लगातार दूसरी रात विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने के लिए सड़कों पर उतरी थीं। वहीं, सादात अबात इलाके की एक निवासी ने कहा कि उन्होंने अपनी आंखों से प्रदर्शनकारियों को एक मस्जिद में आग लगाते हुए देखा। यह दृश्य ईरान में अभूतपूर्व माना जा रहा है, क्योंकि मस्जिदें आमतौर पर धार्मिक और सामाजिक सम्मान का प्रतीक रही हैं।

गुरुवार की तरह शुक्रवार रात को भी विरोध प्रदर्शन देश के कई हिस्सों में फैल गए। मशहद, तब्रीज़, उर्मिया, इस्फ़हान, कराज और यज़्द जैसे शहरों में हजारों लोग सड़कों पर उतरे और सरकार के खिलाफ नारे लगाए। बीबीसी पर्शियन द्वारा जारी एक वीडियो में प्रदर्शनकारियों को सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ नारे लगाते, उनकी मौत की मांग करते और राजशाही शासन के समर्थन में नारेबाजी करते देखा गया।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सरकारी टेलीविजन ने आम नागरिकों से विरोध प्रदर्शनों में शामिल न होने की अपील की। अभिभावकों को भेजे गए संदेशों में चेतावनी दी गई कि वे अपने बच्चों को प्रदर्शनों से दूर रखें। संदेश में यहां तक कहा गया कि अगर गोलीबारी होती है और किसी को नुकसान पहुंचता है, तो शिकायत न की जाए। इसके बावजूद, इंटरनेट बंदी और कड़ी चेतावनियों के बीच हजारों लोग सड़कों पर उतर आए।

तेहरान के 42 वर्षीय इंजीनियर आमिर रज़ा ने बताया कि उन्होंने गोलियों और धमाकों की आवाजें सुनीं। उन्होंने कहा कि जब सादे कपड़ों में मौजूद मिलिशिया और पुलिस ने गोलीबारी शुरू की तो वे घर लौट आए। उनके अनुसार, सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए हवा में गोलियां चलाईं।

बताया गया है कि 28 दिसंबर को तेहरान के ग्रैंड बाज़ार में व्यापारियों ने शांतिपूर्ण विरोध शुरू किया था, जो बाद में हिंसक हो गया। ये प्रदर्शन अब लगातार 13 दिनों से जारी हैं। टाइम पत्रिका की रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार को अकेले तेहरान में 200 से अधिक प्रदर्शनकारियों को गोली मारी गई।

ईरान सरकार ने इन हिंसक प्रदर्शनों के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कहा है कि शांतिपूर्ण आंदोलन अमेरिकी उकसावे के कारण हिंसक हो गए। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दोहराया है कि यदि ईरान सरकार प्रदर्शनकारियों की हत्या जारी रखती है, तो अमेरिका कड़ा जवाब देगा। उन्होंने दावा किया कि इस समय ईरानी सरकार गंभीर खतरे में है।