ट्रंप के ‘51वां अमेरिकी राज्य’ वाले बयान को वेनेजुएला ने खारिज किया

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 12-05-2026
Venezuela rejects Trump's '51st US state' statement
Venezuela rejects Trump's '51st US state' statement

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने दो टूक शब्दों में कहा है कि उनके देश की अमेरिका का 51वां राज्य बनने की कोई योजना नहीं है।

उन्होंने यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान पर सोमवार को की, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह इस संभावना पर “गंभीरता से विचार” कर रहे हैं।
 
रोड्रिगेज द हेग स्थित ‘इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस’ में वेनेजुएला और पड़ोसी देश गुयाना के बीच खनिज और तेल संपन्न एसेक्विबो क्षेत्र को लेकर विवाद पर सुनवाई के अंतिम दिन, पत्रकारों से बातचीत कर रही थीं।
 
उन्होंने कहा, “हम अपनी क्षेत्रीय अखंडता, संप्रभुता, स्वतंत्रता और इतिहास की रक्षा करते रहेंगे।”
 
जनवरी में अमेरिकी सैन्य अभियान के बाद तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के सत्ता से हटने के बाद रोड्रिगेज ने कार्यवाहक राष्ट्रपति का पद संभाला था। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला “कोई उपनिवेश नहीं, बल्कि एक स्वतंत्र देश” है।
 
इससे पहले सोमवार को ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से बातचीत में कहा था कि वह “वेनेजुएला को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।” व्हाइट हाउस ने इस मुद्दे पर टिप्पणी के अनुरोध का तत्काल जवाब नहीं दिया।
 
ट्रंप इससे पहले कनाडा को लेकर भी इसी तरह की टिप्पणी कर चुके हैं।
 
रोड्रिगेज ने कहा कि वेनेजुएला और अमेरिका के अधिकारियों के बीच संपर्क बना हुआ है और दोनों पक्ष “सहयोग तथा समझ” की दिशा में काम कर रहे हैं।
 
उन्होंने ट्रंप के बयान पर प्रतिक्रिया देने से पहले अदालत में एसेक्विबो क्षेत्र पर अपने देश के दावे का बचाव करते हुए कहा कि इस एक सदी पुराने क्षेत्रीय विवाद का समाधान न्यायिक फैसले से नहीं, बल्कि राजनीतिक वार्ता से होगा।
 
करीब 62,000 वर्ग मील में फैला एसेक्विबो क्षेत्र गुयाना के कुल क्षेत्रफल का लगभग दो-तिहाई हिस्सा है। यह इलाका सोना, हीरा, लकड़ी और अन्य प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है। इसके अलावा इसके तट के पास विशाल अपतटीय तेल भंडार हैं, जहां से वर्तमान में प्रतिदिन औसतन नौ लाख बैरल तेल का उत्पादन हो रहा है।
 
यह उत्पादन वेनेजुएला के लगभग 10 लाख बैरल प्रतिदिन के उत्पादन के करीब है और इससे दक्षिण अमेरिका के छोटे देशों में शामिल वेनेजुएला को एक महत्वपूर्ण ऊर्जा उत्पादक बन गया है।
 
वेनेजुएला स्पेनिश औपनिवेशिक काल से एसेक्विबो को अपना हिस्सा मानता रहा है। हालांकि 1899 में ब्रिटेन, रूस और अमेरिका के मध्यस्थों के फैसले में सीमा एसेक्विबो नदी के आधार पर तय की गई थी, जो काफी हद तक गुयाना के पक्ष में थी।
 
वेनेजुएला का कहना है कि विवाद सुलझाने के लिए 1966 में जिनेवा में हुए समझौते ने 19वीं सदी के मध्यस्थता फैसले को प्रभावहीन कर दिया था। हालांकि 2018 में, एसेक्विबो तट के पास एक्सॉन मोबिल कंपनी द्वारा बड़े तेल भंडार की खोज की घोषणा के तीन साल बाद, गुयाना सरकार ने अंतरराष्ट्रीय अदालत से 1899 के फैसले को बरकरार रखने की मांग की थी।
 
दोनों देशों के बीच तनाव 2023 में और बढ़ गया था, जब मादुरो ने जनमत संग्रह कराने के बाद इस क्षेत्र को बलपूर्वक वेनेजुएला में मिलाने की धमकी दी थी। जनमत संग्रह में मतदाताओं से पूछा गया था कि क्या एसेक्विबो को वेनेजुएला का राज्य बनाया जाना चाहिए।
 
मादुरो को तीन जनवरी को कराकास में अमेरिकी सैन्य अभियान के दौरान गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क ले जाया गया था, जहां उन पर मादक पदार्थों की तस्करी के आरोपों में मुकदमा चल रहा है। उन्होंने खुद को निर्दोष बताया है।
 
रोड्रिगेज ने जनमत संग्रह पर सीधे टिप्पणी नहीं की, लेकिन अदालत से कहा कि 1966 का समझौता वेनेजुएला और गुयाना के बीच बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने के लिए बनाया गया था। उन्होंने गुयाना सरकार पर अदालत का रुख कर समझौते को कमजोर करने का आरोप लगाया।
 
पिछले सप्ताह सुनवाई शुरू होने पर गुयाना के विदेश मंत्री ह्यूज हिल्टन टॉड ने न्यायाधीशों से कहा था कि यह विवाद “संप्रभु राष्ट्र के रूप में हमारे अस्तित्व पर शुरू से ही एक दाग रहा है।” उन्होंने कहा कि गुयाना का 70 प्रतिशत क्षेत्र दांव पर लगा है।