रुपया 35 पैसे टूटकर 95.63 प्रति डॉलर के अपने सबसे निचले स्तर पर

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 12-05-2026
Rupee falls 35 paise to its lowest level of 95.63 per dollar
Rupee falls 35 paise to its lowest level of 95.63 per dollar

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति बढ़ने से मंगलवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 35 पैसे टूटकर 95.63 (अस्थायी) के अपने सबसे निचले स्तर पर रहा।
 
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि पश्चिम एशिया में 10 सप्ताह से जारी संघर्ष के गहराने और तेल एवं गैस आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंकाओं से बाजार की धारणा प्रभावित हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के शांति प्रस्ताव को ठुकराए जाने से अनिश्चितता और बढ़ गई है।
 
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.57 पर खुला और कारोबार के दौरान 95.74 के अब तक के निचले स्तर तक आ गया। कारोबार के अंत में यह 95.63 (अस्थायी) पर बंद हुआ जो पिछले बंद भाव से 35 पैसे की गिरावट है।
 
सोमवार को भी रुपया 79 पैसे टूटकर 95.28 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था।
 
विश्लेषकों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और डॉलर की मजबूती से रुपये पर दबाव बना हुआ है। हालांकि, निचले स्तर पर भारतीय रिजर्व बैंक के संभावित हस्तक्षेप से कुछ सहारा मिल सकता है।
 
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता को लेकर व्याप्त अनिश्चितता के बीच रुपये में कमजोरी का रुख बना रह सकता है। डॉलर-रुपये की हाजिर विनिमय दर 95.30 से 96 के दायरे में रहने की उम्मीद है।’’
 
इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.33 प्रतिशत बढ़कर 98.28 पर रहा।
 
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड की वायदा कीमत 3.09 प्रतिशत बढ़कर 107.43 डॉलर प्रति बैरल हो गई। इससे आपूर्ति बाधित होने और ऊर्जा लागत बढ़ने की आशंकाएं बढ़ गई हैं।
 
विशेषज्ञों के मुताबिक, पेट्रोल-डीजल के विवेकपूर्ण इस्तेमाल और विदेशी मुद्रा को बचाने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सलाह से देश की ऊर्जा स्थिति से जुड़ी चिंताएं और बढ़ गई हैं। इसका असर घरेलू शेयर बाजार पर भी देखा जा रहा है।