काराकास (वेनेज़ुएला)
वेनेज़ुएला ने अपने तेल उद्योग में ऐतिहासिक सुधार लागू करते हुए एक नया अध्याय शुरू कर दिया है, जिससे विदेशी और निजी कंपनियों को देश के विशाल ऊर्जा क्षेत्र में भाग लेने का अधिकार मिलेगा। इस बदलाव को राष्ट्रीय विधानसभा ने एक व्यापक तेल कानून सुधार के रूप में मंज़ूरी दी है, जो लंबे समय से राज्य-नियंत्रित इस क्षेत्र में बड़े सुधारों का मार्ग तैयार करता है।
नए कानून के तहत विदेशी ऊर्जा कंपनियों को उत्पादन परियोजनाओं का प्रत्यक्ष संचालन करने और खनन व निर्यात समझौतों में अधिक नियंत्रण रखने की अनुमति दी जाएगी। इससे पहले वेनेज़ुएला की ऊर्जा क्षेत्र पर पूरी तरह से राज्य-नियंत्रित पेट्रोलियोज़ डी वेनेज़ुएला (PDVSA) का प्रभुत्व था, लेकिन सुधारों के बाद निजी और विदेशी कंपनियां भी सक्रिय भूमिका निभा सकेंगी।
संसद द्वारा पारित किए गए सुधार में यह भी शामिल है कि विदेशी कंपनियाँ अपने विवादों को वेनेज़ुएला के स्थानीय न्यायालयों के बजाय अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता में सुलझा सकती हैं, जिससे निवेशकों को अधिक पारदर्शिता और सुरक्षा का भरोसा मिलेगा। इसके अलावा कर और रॉयल्टी को कम करने की अनुमति भी दी गई है, ताकि इस क्षेत्र में निवेश को आकर्षक बनाया जा सके।
यह बदलाव उन नीतियों के विरोधाभासी मोड़ को दर्शाता है, जो 2007 में तेल उद्योग के राष्ट्रीयकरण के दौरान लागू की गई थीं और जिनके कारण कई प्रमुख अमेरिकी और अन्य विदेशी कंपनियाँ देश छोड़ गई थीं।
वेनेज़ुएला के कार्यवाहक राष्ट्रपति डेलसी रोड्रिगेज़ ने इस सुधार को देश की अर्थव्यवस्था के पुनरुद्धार के लिए एक बड़ा कदम बताया है, खासकर जब देश लंबे समय से तेल उत्पादन में गिरावट और आर्थिक दबाव का सामना कर रहा है। सरकार के समर्थकों का कहना है कि यह पहल निवेश और उत्पादन में वृद्धि करेगी और वेनेज़ुएला की ऊर्जा अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा भर देगी।
अमेरिका ने भी प्रतिक्रिया में वेनेज़ुएला के तेल क्षेत्र पर लगाए गए प्रतिबंधों को ढीला किया है, जिससे अमेरिकी कंपनियों को इस विशाल ऊर्जा स्रोत से जुड़े व्यापार में भाग लेने की अनुमति मिल सकती है।हालाँकि, कुछ विपक्षी नेताओं और विशेषज्ञों ने इस सुधार पर चिंता जताई है, यह चेतावनी देते हुए कि पारदर्शिता की कमी और भ्रष्टाचार के जोखिम अभी भी गंभीर चुनौतियाँ हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम वेनेज़ुएला की दीर्घकालिक आर्थिक चुनौतियों से निजात पाने में सहायक हो सकता है, बशर्ते निवेश सुरक्षा और नीतिगत स्थिरता सुनिश्चित की जाए।




