आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
नाइजीरिया में इस्लामी आतंकवादियों और अन्य सशस्त्र समूहों के खिलाफ लड़ रहे देश के सैनिकों को प्रशिक्षण देने के लिए लगभग 100 अमेरिकी सैनिक साजो-सामान के साथ यहां पहुंच गए हैं। नाइजीरियाई सेना ने सोमवार को यह जानकारी दी।
सेना ने एक बयान में बताया कि दरअसल नाइजीरिया सरकार ने अमेरिका सरकार से अनुरोध किया था कि वह प्रशिक्षण, प्रौद्योगिकी और खुफिया जानकारी साझा करने में मदद करे जिसके बाद अमेरिकी सैनिकों का दल यहां पहुंचा है।
यह तैनाती अमेरिका और नाइजीरिया के बीच तनाव कम होने के बाद हुई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पूर्व में कहा था कि नाइजीरिया कथित जनसंहार से ईसाइयों की रक्षा नहीं कर रहा, वहीं नाइजीरिया सरकार ने ट्रंप ने इन आरोपों को खारिज किया था जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव पैदा हो गया था।
नाइजीरिया के रक्षा मुख्यालय के प्रवक्ता मेजर जनरल समाइला उबा ने पहले कहा था कि अमेरिकी सैनिक लड़ाई में शामिल नहीं होंगे या उनकी कोई प्रत्यक्ष अभियानगत भूमिका नहीं होगी बल्कि कमान का पूरा अधिकार नाइजीरियाई बलों के पास होगा।
अमेरिकी सेना ने उत्तर-पश्चिमी नाइजीरिया में इस्लामिक स्टेट समूह के आतंकवादियों पर दिसंबर में हवाई हमले किए थे। पिछले महीने, अबुजा में नाइजीरियाई अधिकारियों के साथ हुई चर्चा के बाद अमेरिकी अफ्रीका कमान के प्रमुख ने पुष्टि की थी कि अमेरिकी सैन्य अधिकारियों की एक छोटी टीम खुफिया सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से नाइजीरिया में मौजूद है।