दुबई/तेल अवीव/वाशिंगटन
अमेरिका और इजराइल ने मंगलवार को ईरान पर युद्ध की अब तक की सबसे तीव्र हवाई हमलों की सूचना दी। पेंटागन और ईरान की स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, यह हमले इस संघर्ष के दौरान अब तक के सबसे बड़े थे। इन हमलों के बावजूद, वैश्विक बाजार यह मान रहे हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जल्द ही संघर्ष को समाप्त करने की कोशिश करेंगे।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी और इजराइल के हमले जारी रहते हैं, तो वे खाड़ी से तेल की आपूर्ति को रोक देंगे। इसी दौरान, IRGC ने कतर में अमेरिकी एल उदीद बेस और इराक के अल हरिर बेस पर मिसाइल हमले किए। इसके साथ ही यूएई के अल ढाफरा एयर बेस और बहरीन के जुफ़्फ़ैर नौसैनिक बेस पर ड्रोन हमले भी किए गए।
ईरान की राज्य मीडिया ने बुधवार सुबह बताया कि बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर एक और दौर का हमला किया गया। वहीं, बुधवार की सुबह केंद्रीय इजराइल में भी मिसाइलें दागी गईं। एयर राइफ़ सायरन के बीच लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर शरण ली।
अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि यह अब तक का सबसे बड़ा हमले वाला दिन था, जिसमें सबसे अधिक लड़ाकू विमान और बमबारी शामिल थी। राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान के 10 "निष्क्रिय" माइन-लेइंग जहाजों को नष्ट कर दिया है।
इजराइल ने बीरूत में हमले जारी रखे, जिनका लक्ष्य ईरान समर्थित हीज़बुल्लाह समूह था। अमेरिकी वाइट हाउस ने भी यह दोहराया कि होर्मुज स्ट्रेट में ऊर्जा आपूर्ति रोकने के प्रयासों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी जाएगी।
वहीं, ट्रंप ने निवेशकों और वैश्विक बाजारों को आश्वस्त किया कि युद्ध जल्द खत्म हो जाएगा। तेल की कीमतों में सोमवार को $120 प्रति बैरल का उछाल आया था, लेकिन मंगलवार को ब्रेंट क्रूड $90 के नीचे गिर गया। एशियाई और यूरोपीय शेयर मार्केट में भी गिरावट के बाद आंशिक सुधार देखा गया।
ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अमेरिकी दबाव को खारिज किया। संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कलीबाफ़ ने कहा कि हम युद्धविराम नहीं चाहते और हम आक्रमणकारियों को जवाब देंगे। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान अमेरिका के साथ बातचीत फिर से शुरू करने के मूड में नहीं है।
इस संघर्ष में अब तक लगभग 1,300 ईरानी नागरिक मारे गए हैं और 8,000 घर, 1,600 व्यावसायिक और सेवा केंद्र तथा कई शैक्षिक और ऊर्जा आपूर्ति संस्थान क्षतिग्रस्त हुए हैं। इजराइल पर ईरान के हमलों में 12 लोग मारे गए, जबकि लेबनान में इजराइली हमलों में भी दर्जनों लोग मारे गए।
अमेरिकी सेना ने अब तक लगभग 140 सैनिकों को चोटिल बताया है, जबकि 6 सैनिक संघर्ष के प्रारंभिक दौर में मारे गए थे। पेंटागन ने पहले भी बताया था कि 8 अमेरिकी सैनिक गंभीर रूप से घायल हुए।
विशेषज्ञों का कहना है कि युद्ध की तीव्रता और तेल आपूर्ति पर संकट ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को अस्थिर कर दिया है, लेकिन ट्रंप के संदेश से निवेशकों और बाजारों में थोड़ी राहत देखी गई है।