तेहरान/तेल अवीव
ईरान ने मंगलवार को इजराइल के प्रमुख हवाई अड्डे बेंजामिन नेतन्याहू एयरपोर्ट पर मिसाइलों की नई बौछार की। यह हमला पिछले कुछ दिनों के तनावपूर्ण दौर के बाद आया है और इसके परिणामस्वरूप इजराइल की वाणिज्यिक राजधानी तेल अवीव और आसपास के क्षेत्रों में चेतावनी सायरन बजने लगे।
ईरानी मीडिया द्वारा जारी वीडियो फुटेज में देखा गया कि मिसाइलें लगातार गिर रही थीं, जिससे धमाकों की तेज आवाज़ें सुनाई दीं और आग के लपटें फैल गईं। रिपोर्ट्स के अनुसार, इजराइल का रॉकेट बचाव प्रणाली कुछ मिसाइलों को रोकने में सफल रही, लेकिन अधिकांश हमलों को रोकने में असफल रही। इसके चलते नागरिकों में भय का माहौल उत्पन्न हो गया।
इजरायली रक्षा बलों ने नागरिकों से तत्काल बम आश्रयों में शरण लेने की अपील की। अधिकारियों ने कहा कि वे मिसाइलों को रोकने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह हमला ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का नया संकेत है। पिछले कुछ हफ्तों में ईरान ने अमेरिका और इजराइल के ठिकानों पर लगातार मिसाइल हमले किए हैं, जिनमें इराक, कतर, और अरब खाड़ी के अन्य देशों में अमेरिकी सैन्य बेस भी निशाना बने।
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा है कि अगर अमेरिकी और इजरायली हमले जारी रहते हैं, तो वे खाड़ी से तेल की आपूर्ति रोकने के भी लिए तैयार हैं। इससे वैश्विक तेल बाजार पर गंभीर असर पड़ सकता है, क्योंकि खाड़ी क्षेत्र से लगभग एक-पाँचवाँ हिस्सा विश्व की तेल और गैस की आपूर्ति करता है।
इजराइल की ओर से प्रतिक्रिया में कहा गया कि वे इस संघर्ष को "सीमित अवधि वाला" मानते हैं और पूरी ताकत से जवाब देंगे। इजरायल के नागरिकों को चेतावनी दी गई कि वे अपने घरों और बम आश्रयों में सुरक्षित रहें और सरकारी निर्देशों का पालन करें।
विश्लेषकों के अनुसार, तेल अवीव और इसके आस-पास के हवाई मार्गों पर इस हमले के बाद वाणिज्यिक उड़ानों में रुकावट देखने को मिली। हवाई अड्डों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है, और नागरिक हवाई यातायात को लेकर सतर्क हैं।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की है और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र और कई देशों ने कहा कि ईरान-इजराइल संघर्ष के कारण क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
ईरानी हमलों और इजरायली जवाबी कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि तेल अवीव और आसपास के नागरिक सुरक्षा के लिए सतर्क रहें, जबकि वैश्विक बाजार और तेल की आपूर्ति पर भी दबाव बना हुआ है।