PoJK में प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी जलियांवाला बाग जैसी: पूर्व DGP एस. पी. वैद

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 09-06-2026
Firing on peaceful protesters in PoJK similar to Jallianwala Bagh massacre: Former J-K top cop S P Vaid
Firing on peaceful protesters in PoJK similar to Jallianwala Bagh massacre: Former J-K top cop S P Vaid

 

जम्मू-कश्मीर 

जम्मू-कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) एस.पी. वैद ने पाकिस्तान के कब्ज़े वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में हुई हिंसा की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इस्लामाबाद पर आम नागरिकों और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ ज़रूरत से ज़्यादा बल प्रयोग करने का आरोप लगाया। वैद ने कहा, "PoJK में हालात बहुत गंभीर हैं। अंधाधुंध गोलीबारी में कई लोग मारे गए हैं और कई अन्य घायल हुए हैं। खबरों के मुताबिक, पाकिस्तान रेंजर्स, पाकिस्तानी सेना और स्थानीय पुलिस ने गोलीबारी की है, जिससे कई लोगों की जान गई है।"
 
उन्होंने कहा कि चल रही अशांति ने जम्मू-कश्मीर पर पाकिस्तान के "झूठे नैरेटिव" (झूठे प्रचार) की पोल खोल दी है, क्योंकि PoJK के लोग ही अब इस्लामाबाद की नीतियों को चुनौती दे रहे हैं। वैद ने कहा, "शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी जलियांवाला बाग हत्याकांड जैसी है।" उन्होंने दावा किया कि अपने अधिकारों की मांग कर रहे नागरिकों को बातचीत के बजाय गोलियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने कभी भी कश्मीरियों की भलाई की सच्ची परवाह नहीं की और असहमति को दबाने के लिए बार-बार बल प्रयोग किया है। वैद ने दावा किया कि प्रदर्शनकारी भोजन, आटे और अन्य ज़रूरी सेवाओं जैसी बुनियादी चीज़ों की मांग कर रहे थे।
 
उन्होंने कहा, "उनकी मांगों को पूरा करने के बजाय, पाकिस्तान आम लोगों को आतंकवादी करार दे रहा है।" उन्होंने अवामी एक्शन कमेटी पर कथित प्रतिबंध की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि इस्लामाबाद लोकतांत्रिक आवाज़ों को दबाने और ज़मीनी हकीकत को छिपाने की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तान से सीधे मुखातिब होते हुए वैद ने कहा, "पहले अपने लोगों का ध्यान रखो।" उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद को बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा, पाकिस्तान के कब्ज़े वाले गिलगित-बाल्टिस्तान (PoGB) और PoJK में बढ़ती चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
 
उन्होंने कहा, "इन इलाकों के लोग अपनी चिंताएं ज़ाहिर कर रहे हैं। उनकी आकांक्षाओं का सम्मान करें और बल प्रयोग करके उन्हें दबाना बंद करें।" ये बयान पाकिस्तान के कब्ज़े वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में बढ़ती अशांति के बीच आए हैं, जहां शासन, आर्थिक तंगी और आरक्षित विधायी सीटों के आवंटन जैसे मुद्दों को लेकर सरकार विरोधी प्रदर्शन तेज़ हो गए हैं।
 
खबरों के मुताबिक, रावलकोट और अन्य इलाकों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पों में कई लोगों की मौत हुई है और कई घायल हुए हैं, जिससे हर तरफ़ निंदा हो रही है और स्वतंत्र जांच की मांग उठ रही है।