अमेरिका ने रणनीतिक भंडार से 172 मिलियन बैरल तेल जारी करने का किया ऐलान

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 12-03-2026
US announces release of 172 million barrels of oil from strategic reserves
US announces release of 172 million barrels of oil from strategic reserves

 

वॉशिंगटन।

अमेरिका ने अपने नागरिकों और सहयोगी देशों की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (एसपीआर) से 172 मिलियन बैरल तेल जारी करने की घोषणा की है। अमेरिकी ऊर्जा विभाग ने बुधवार को जारी एक बयान में इस फैसले की जानकारी दी।

ऊर्जा विभाग के अनुसार, तेल की आपूर्ति अगले सप्ताह से शुरू की जाएगी और यह प्रक्रिया लगभग चार महीने यानी करीब 120 दिनों तक जारी रहेगी। इस कदम का उद्देश्य वैश्विक बाजार में तेल की आपूर्ति को स्थिर बनाए रखना और संभावित ऊर्जा संकट से निपटना है।

संयुक्त राज्य अमेरिका के पास अपने रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार के रूप में दुनिया का सबसे बड़ा आपातकालीन तेल भंडार मौजूद है। यह भंडार मुख्य रूप से टेक्सास और लुइसियाना राज्यों में भूमिगत नमक गुफाओं में सुरक्षित रखा गया है। इन भंडारों में बड़ी मात्रा में कच्चा तेल संग्रहीत किया जाता है, जिसका उपयोग आपातकालीन परिस्थितियों में किया जाता है। दोनों स्थानों की कुल भंडारण क्षमता लगभग 700 मिलियन बैरल तक बताई जाती है।

अमेरिकी सरकार ने यह भंडार विशेष रूप से ऊर्जा आपूर्ति में अचानक आने वाली बाधाओं या वैश्विक संकट की स्थिति से निपटने के लिए बनाया था। ऊर्जा विभाग ने अपने बयान में यह भी कहा कि 172 मिलियन बैरल तेल जारी करने का निर्णय अस्थायी कदम है और इसके तहत अगले वर्ष के मध्य तक रणनीतिक भंडार में लगभग 200 मिलियन बैरल तेल फिर से जोड़ने की योजना बनाई गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला हाल के भू-राजनीतिक तनावों और तेल आपूर्ति से जुड़े जोखिमों को देखते हुए लिया गया है। दरअसल, ईरान और इजराइल के बीच तनाव बढ़ने के बाद से मध्य पूर्व में स्थिति काफी संवेदनशील बनी हुई है। 28 फरवरी को ईरान द्वारा अमेरिका और इजराइल के साथ टकराव शुरू होने के बाद से क्षेत्र में तेल परिवहन को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

ईरान ने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा व्यापार के महत्वपूर्ण मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य पर भी कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। यह जलडमरूमध्य अरब सागर और फारस की खाड़ी को जोड़ता है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। अनुमान के अनुसार, दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस के जहाज प्रतिदिन इसी मार्ग से गुजरते हैं।

इस बीच ब्रिटेन स्थित समुद्री निगरानी संगठन यूके मैरीटाइम ऑपरेशंस ने जानकारी दी है कि 28 फरवरी के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में 10 से अधिक तेल टैंकरों पर हमले हो चुके हैं। रिपोर्टों के मुताबिक ईरान ने हाल के दिनों में इस जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें भी बिछानी शुरू कर दी हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं।

ऐसी परिस्थितियों में अमेरिका का यह कदम वैश्विक तेल बाजार को स्थिर रखने और संभावित आपूर्ति संकट को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।