मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि Iran के मिसाइल हमलों में Saudi Arabia में तैनात अमेरिकी वायु सेना के पांच विमान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। यह जानकारी The Wall Street Journal ने United States Department of Defense के दो अधिकारियों के हवाले से दी है।
रिपोर्ट के अनुसार, पिछले लगभग 14 दिनों में हुए हमलों के दौरान ये सभी विमान सऊदी अरब के Prince Sultan Air Base पर तैनात थे। अधिकारियों ने बताया कि ये सभी विमान ईंधन भरने वाले सैन्य विमान थे, जिनका इस्तेमाल हवा में उड़ रहे लड़ाकू विमानों को ईंधन उपलब्ध कराने के लिए किया जाता है।
बताया गया है कि ईरानी मिसाइलों के हमले में ये विमान क्षतिग्रस्त हुए, लेकिन पूरी तरह नष्ट नहीं हुए हैं। तकनीकी टीम इनकी मरम्मत कर रही है और उम्मीद है कि इन्हें फिर से इस्तेमाल किया जा सकेगा। राहत की बात यह रही कि इन घटनाओं में किसी भी सैन्यकर्मी की मौत या गंभीर चोट की सूचना नहीं है।
हालांकि एक अलग घटना में अमेरिकी वायु सेना का एक KC‑135 Stratotanker विमान पश्चिमी इराक में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस विमान में पायलट और सह-पायलट सहित कुल छह क्रू सदस्य सवार थे। दुर्घटना में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, ईंधन भरने वाले विमान अमेरिकी वायु सेना के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं क्योंकि ये लड़ाकू विमानों को हवा में ही ईंधन उपलब्ध कराते हैं, जिससे वे लंबी दूरी तक मिशन जारी रख सकते हैं। अमेरिका 1950 के दशक से इस तरह के विमानों का व्यापक उपयोग कर रहा है।
दरअसल, क्षेत्र में तनाव तब और बढ़ गया जब United States और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत 6 फरवरी से 27 फरवरी तक चली, लेकिन किसी समझौते के बिना समाप्त हो गई। इसके तुरंत बाद अमेरिका ने ईरान में Operation Epic Fury शुरू किया, जबकि Israel ने भी समानांतर रूप से Operation Roaring Lion नामक सैन्य अभियान चलाया।
इन अभियानों के जवाब में ईरान ने क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए ड्रोन और मिसाइल हमले शुरू कर दिए। रिपोर्ट के अनुसार, ये हमले सऊदी अरब के अलावा Qatar, Kuwait, Bahrain, United Arab Emirates और Oman जैसे देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों तक फैल गए हैं।
मिडिल ईस्ट में जारी यह टकराव अब क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक स्थिरता के लिए एक बड़ी चिंता बनता जा रहा है।





