अमेरिका का ईरान पर 13वीं रात भी हवाई हमला जारी

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 24-07-2026
US airstrikes on Iran continue for the 13th consecutive night.
US airstrikes on Iran continue for the 13th consecutive night.

 

वॉशिंगटन/फ्लोरिडा

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने लगातार 13वीं रात ईरान के सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने गुरुवार (अमेरिकी समयानुसार) इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि इन हमलों का उद्देश्य इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से उत्पन्न उन खतरों को कम करना है, जो अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक जहाजरानी के लिए चुनौती बने हुए हैं।

सेंटकॉम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि अमेरिकी सेना ने गुरुवार शाम 6:45 बजे (ईटी) ईरान के सैन्य लक्ष्यों के खिलाफ एक और अभियान शुरू किया। बयान के अनुसार, यह लगातार 13वीं रात है जब अमेरिकी सेना ईरान के सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई कर रही है।

व्यावसायिक जहाजरानी की सुरक्षा का दावा

सेंटकॉम ने कहा कि इन सैन्य अभियानों का उद्देश्य ईरान को उसके कथित आक्रामक कदमों के लिए जवाबदेह ठहराना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की उन गतिविधियों को कमजोर करना है, जिन्हें अमेरिका अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के लिए खतरा मानता है।

अमेरिकी सेना का दावा है कि हाल के दिनों में उसने ईरान के खिलाफ अपनी नौसैनिक नाकेबंदी भी तेज कर दी है। सेंटकॉम के अनुसार, पिछले नौ दिनों के दौरान 12 वाणिज्यिक जहाजों का मार्ग बदला गया, जबकि एक जहाज को ईरानी बंदरगाहों या तटीय क्षेत्रों में प्रवेश या निकास से रोक दिया गया

ट्रंप का ईरानी संपत्तियों पर बयान

इन हमलों से कुछ घंटे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक बयान जारी किया था। उन्होंने कहा कि यदि जहाजों, माल या समुद्री व्यापार से जुड़े किसी भी सामान को नुकसान पहुंचता है, तो उसकी भरपाई अमेरिका के नियंत्रण में मौजूद ईरानी धन से की जाएगी।

ट्रंप ने इसे "निष्पक्ष और न्यायसंगत" कदम बताते हुए कहा कि अमेरिका के पास मौजूद ईरानी संपत्तियों का उपयोग ऐसे नुकसान की भरपाई के लिए किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नुकसान की राशि काफी बड़ी हो सकती है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में यही उचित और न्यायपूर्ण समाधान होगा।

परमाणु हथियारों पर फिर दोहराया रुख

गुरुवार को ही ट्रंप ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि अमेरिका किसी भी स्थिति में ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं देगा।

उन्होंने कहा, "हम इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के खिलाफ बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। वे कुछ करना चाहते हैं, लेकिन अभी इसके लिए तैयार नहीं हैं। उनकी मंशा खतरनाक है और हम उन्हें परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दे सकते।"

ट्रंप ने आगे कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने के बारे में सोचने तक की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उनके अनुसार, यदि अमेरिका यह कदम नहीं उठाता, तो दुनिया का कोई अन्य देश ऐसा करने की क्षमता नहीं रखता।

क्षेत्रीय तनाव लगातार बढ़ रहा

विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच लगातार जारी सैन्य कार्रवाई से पश्चिम एशिया में तनाव और गहरा सकता है। पिछले कई दिनों से दोनों देशों के बीच बयानबाजी, सैन्य गतिविधियों और रणनीतिक दबाव में लगातार वृद्धि देखी जा रही है।

अमेरिका का कहना है कि उसकी कार्रवाई का उद्देश्य समुद्री व्यापार की सुरक्षा सुनिश्चित करना और ईरान की सैन्य क्षमताओं को सीमित करना है, जबकि ईरान पहले भी अमेरिकी आरोपों को खारिज करता रहा है और अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की आलोचना करता रहा है।

हालात पर दुनिया की नजर

अमेरिका द्वारा लगातार 13 दिनों तक किए गए हवाई हमले इस बात का संकेत हैं कि दोनों देशों के बीच तनाव कम होने के बजाय और बढ़ता जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब इस बात पर है कि क्या आने वाले दिनों में दोनों पक्ष कूटनीतिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ते हैं या यह सैन्य टकराव और व्यापक रूप लेता है।

मौजूदा हालात में वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी इस संघर्ष का असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव इसी तरह जारी रहा, तो इसका प्रभाव केवल पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।