यूक्रेन के विदेश मंत्री सिबिहा ने ब्लैक सी में हुए हमलों को लेकर UN से कार्रवाई की मांग की

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 23-07-2026
Ukraine FM Sybiha urges UN action over Black Sea strikes
Ukraine FM Sybiha urges UN action over Black Sea strikes

 

कीव
 
यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबीहा ने रूस पर काला सागर (ब्लैक सी) में नागरिक मालवाहक जहाजों को निशाना बनाकर वैश्विक खाद्य सुरक्षा को खतरे में डालने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इन हमलों के कारण फसल कटाई के चरम समय में यूक्रेन से होने वाले अनाज निर्यात में गंभीर बाधा आ रही है। इस मुद्दे पर चर्चा के लिए यूक्रेन ने 27 जुलाई को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की आपात बैठक बुलाने का अनुरोध किया है।
 
सिबीहा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि रूस नागरिक समुद्री यातायात पर हमले कर रहा है और "वैश्विक खाद्य सुरक्षा को बंधक बना रहा है।" उनके अनुसार, पिछले कुछ दिनों में कम से कम तीन नागरिक मालवाहक जहाजों पर हमले हुए हैं, जिनमें कई चालक दल के सदस्य मारे गए और घायल हुए।
 
उन्होंने दावा किया कि उनके बयान वाले दिन यूक्रेन के ब्लैक सी समुद्री गलियारे से एक भी जहाज नहीं गुजर सका। सिबीहा ने इसे फसल कटाई के दौरान वैश्विक खाद्य आपूर्ति बाधित करने की रूस की "सुनियोजित आर्थिक और मानवीय आतंक की रणनीति" बताया।
 
उन्होंने ईरान द्वारा होरमुज जलडमरूमध्य में ऊर्जा मार्गों को निशाना बनाने का हवाला देते हुए कहा कि अब रूस ब्लैक सी के जरिए वैश्विक खाद्य बाजारों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह स्थिति जारी रही तो अफ्रीका, एशिया, मध्य पूर्व और लैटिन अमेरिका के लाखों परिवारों को महंगे खाद्यान्न और खाद्य संकट का सामना करना पड़ सकता है।
 
यूक्रेन ने सभी देशों, विशेष रूप से खाद्य आयात पर निर्भर देशों से रूस पर दबाव बनाने की अपील की है ताकि ब्लैक सी में नौवहन की स्वतंत्रता पर हो रहे हमले रोके जा सकें।
 
इस बीच, डेनमार्क की प्रमुख शिपिंग कंपनी मर्स्क ने सुरक्षा स्थिति बिगड़ने का हवाला देते हुए यूक्रेन के चोर्नोमोर्स्क फिशिंग पोर्ट के लिए अपनी सेवाएं अगली सूचना तक निलंबित कर दी हैं। कंपनी ने कहा कि अब इस बंदरगाह के लिए भेजा जाने वाला माल रोमानिया के कॉन्स्टांटा बंदरगाह पर उतारा जाएगा।
 
वहीं, रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसके Geran-4 Seeker ड्रोन ने ब्लैक सी और चोर्नोमोर्स्क बंदरगाह में पांच मालवाहक जहाजों को निशाना बनाया, जिनका इस्तेमाल यूक्रेनी सेना के लिए सैन्य सामग्री ले जाने में किया जा रहा था।
 
यूक्रेन ने रूस के इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि निशाना बनाए गए जहाजों में 'गोल्डन रोज़' नाम का एक नागरिक मालवाहक जहाज भी शामिल था। यूक्रेन की स्टेट बॉर्डर गार्ड सर्विस के अनुसार, ड्रोन हमले के बाद जहाज में आग लग गई थी, लेकिन समुद्री सुरक्षा बलों ने सभी 16 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया। इनमें दो सीरियाई और 14 मिस्र के नागरिक शामिल थे। एजेंसी के मुताबिक, सभी को सुरक्षित किनारे लाकर चिकित्सकीय जांच कराई गई और किसी को गंभीर चोट नहीं आई।
 
गौरतलब है कि 19 जुलाई को यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना हो रहे MV Golden Leo पर हुए हमले में चार भारतीय नागरिकों की मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य भारतीय गंभीर रूप से घायल हुआ था। भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस घटना की पुष्टि करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार की सुरक्षा और स्थिरता पर गंभीर हमला बताया था। इस मामले में भारत ने 21 जुलाई को रूस के कार्यवाहक राजदूत व्लादिमीर लादानोव को तलब कर अपनी कड़ी आपत्ति भी दर्ज कराई थी।